राज्य
20-May-2026


* ठेकेदार पर भारी लापरवाही का आरोप, निकृष्ट नाला निर्माण से लोगों में आक्रोश पटना, (ईएमएस)। बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम (बुडको) ने पटना के बेउर जेल के पास नाले के निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने पर एक ठेकेदार पर 10 लाख रूपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई सोमवार शाम एक बाइक सवार के खुले गड्ढे में गिरने की घटना के बाद की गई। जांच में सामने आया कि निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। हालांकि कुछ जगह बैरिकेडिंग की गई थी, लेकिन आम लोगों को सतर्क करने या मार्गदर्शन देने के लिए कोई कर्मचारी तैनात नहीं था। यह ठेके की Clause-IV का उल्लंघन माना गया, जिसमें “वर्क सेफ्टी प्लान” लागू करना अनिवार्य है। बुडको की जांच में पता चला कि Catchment-V के तहत काम कर रही एजेंसी को पहले भी लिखित निर्देश दिए गए थे, लेकिन उसने सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया। घटना को गंभीरता से लेते हुए बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार परासर ने पटना में चल रही सभी परियोजनाओं-जैसे नाला निर्माण, सड़क, पुल और ड्रेनेज कार्य में सख्त सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। एमडी ने कहा, “सिर्फ बैरिकेडिंग करना पर्याप्त नहीं है। निर्माण एजेंसी को मौके पर कर्मियों की भी तैनाती करनी होगी ताकि नागरिक सुरक्षित रहें और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।” बुडको ने संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिनों के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर बैंक गारंटी जब्त करने, भविष्य के टेंडर से प्रतिबंधित करने और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत आपराधिक कार्रवाई जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। * ठेकेदार पर भारी लापरवाही का आरोप, निकृष्ट नाला निर्माण से लोगों में आक्रोश पटना समेत राज्य के विभिन्न शहरों में चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने बुडको के ठेकेदार पर भारी लापरवाही बरतने तथा निकृष्ट दर्जे का निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्ले के निवासियों के अनुसार नाला निर्माण के दौरान सड़कों को जगह-जगह खोदकर छोड़ दिया गया है। निर्माण स्थल पर न तो सुरक्षा बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। खासकर रात के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। नाले की ढलाई और ईंट-सीमेंट की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। जिससे भविष्य में नाले के टूटने और जलजमाव की आशंका बढ़ गई है। वहीं निर्माण कार्य के कारण सड़कों पर मिट्टी और पानी फैल गया है। इससे पूरे इलाके में कीचड़ की स्थिति बन गई है। दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी दिक्कत हो रही है। सड़क पर फैली मिट्टी और धूल के कारण बरसात होने से हालात और बदतर हो जाते हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में बड़ा हादसा हो सकता है। संतोष झा- २० मई/२०२६/ईएमएस