- राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कि सीबीआई जांच की मांग - पीएम रिर्पोट के आधार पर यह हत्या नहीं,आत्महत्या है-पुलिस कमिश्नर - रिर्पोट में नशीले पदार्थ के सेवन का कोई संकेत नहीं - गिरिबाला सिंह को पद से हटाने राज्यपाल को लिखा पत्र - मृतका ट्विशा के शव के डिकम्पोज होने का खतरा बढ़ा - एम्स ने पुलिस से जल्द शव ले जाने को कहा, परिजन दोबारा पीएम की मांग पर अड़े भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल में पूर्व न्यायाधीश गिरीबाला सिंह की बहू और क्रिमिनल लॉयर समर्थ सिंह की पत्नी की संदिग्ध हालत में हुई मौत की घटना में रोजाना ही नये खुलासे सामने आ रहे हैं। करीब 8 दिन बीतने पर भी अब तक परिजनों ने ट्विशा का शव अंतिम संस्कार के लिये नहीं लिया है। वहीं, दूसरी तरफ पूर्व सैनिकों के संगठनों से जुड़े लोगों ने बुधवार सुबह 10 बजे शौर्य स्मारक से पुलिस मुख्यालय और राजभवन तक वाहन रैली निकालकर इस घटना का विरोध करते हुए ट्विशा के लिए इंसाफ मांगा। पूर्व सैनिकों ने एक दिन पहले ही इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके ट्विशा के लिए न्याय मांगा था। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने शहर में बाइक रैली निकालकर प्रदर्शन किया और मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। रैली की शुरुआत शौर्य स्मारक में श्रद्धांजलि के साथ हुई। इसके बाद सैनिक बाइक से लाल परेड मैदान पहुंचे। वहां ट्विशा की संदिग्ध मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर नारेबाजी के बाद रैली का समापन किया गया। पूर्व सैनिकों ने मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव का दूसरे मेडिकल बोर्ड से दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की मांग दोहराई। साथ ही पूर्व सैनिकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई और परिवार की मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। - फरार पति समर्थ सिंह की गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम घटना को कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस अभी तक आरोपी पति समर्थ सिंह को गिरफ्तारी नहीं कर सकी है। पुलिस ने आरोपी समर्थ सिंह की तलाश तेज करते हुए उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया है, इसके बावजूद अब तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। इधर पुलिस ने पुलिस ने फरार पति की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। - पुलिस ने बताया हत्या नहीं आत्हतया इस मामले में पुलिस ने ट्विशा की मौत को हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या बताया है। हालांकि, मृतका के परिवार वाले दामाद और सास पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। भोपाल पुलिस ने जॉच के लिये एसआईटी का भी गठन किया है ताकि जांच सही दिशा में चले। ट्विशा शर्मा की मौत मामले में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कहा है कि, अब तक की जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर यह मामला हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या का मामुम होता है। उन्होनें आगे बताया की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ड्रग्स या किसी नशीले पदार्थ के सेवन का कोई संकेत नहीं मिला है, उनका यह बयान ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह के उस दावे के विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ट्विशा को नशे की लत थी। कमिश्नर ने यह भी कहा की अब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में जुटाए गए सबूतों से यही सामने आया है, कि यह आत्महत्या का मामला है। हमारी जांच के मुताबिक यह एंटी-मॉर्टम हैंगिंग का केस है। - पुलिस कमिश्नर ने मानी गलती दूसरे पोस्टमॉर्टम को लेकर पुलिस कमिश्नर ने कहा कि, इसकी अनुमति देना पुलिस के अधिकार नहीं है। इसके लिए परिवार को अदालत जाना होगा। वहीं, जांच के दौरान एक लापरवाही की बात भी सामने आई है। पुलिस कमिश्नर ने स्वीकार किया कि जिस बेल्ट से फांसी लगाए जाने की बात सामने आई, उसे समय पर पोस्टमॉर्टम टेबल तक नहीं पहुंचाया जा सका था। हालांकि, बाद में बेल्ट अस्पताल भेजी गई और उसकी रिपोर्ट भी ले ली गई है। कमिश्नर ने कहा कि इस चूक की अलग से जांच कराई जाएगी और इससे मुख्य जांच प्रभावित नहीं होगी। - अस्पताल प्रंबधन ने जताया शव डिकम्पोज होने का खतरा मामले में भोपाल पुलिस के एक पत्र ने परिवारवालों के सामने नया संकट खड़ा कर दिया है। जहॉ ट्विशा के परिजनो की मांग हैं, की शव का पोस्टमार्टम दोबारा दिल्ली एम्स में किया जाए। वहीं भोपाल पुलिस की ओर से शव के संबध में जो जानकारी परिजनों को दी गई है, वह परिजनों की पीड़ा बढ़ाने वाली है। जानकारी के अनुसार एम्स के हवाले से दिए गए इस पत्र में पुलिस ने ये बताया है, कि शव का पोस्टमार्टम 13 मई को हो चुका है। इस समय ट्विशा का शव एम्स की मर्चुरी में माइनस चार (-4) डिग्री सेल्सियस पर रखा हुआ है। एफएमएपी डिपार्टमेंट एम्स की ओर से 18 मई की रात इस संबंध में एक पत्र और जानकारी पुलिस को दी गई है। जिसमें ये कहा गया है कि शव को डिकम्पोज होने से रोकने के लिए माइनस 80 (-80) डिग्री सेल्सियस पर शव को रखा जाना चाहिए, लेकिन ये सुविधा भोपाल एम्स में नहीं है। पुलिस ने आगे ये कहा है, कि पुलिस को रि-पोस्टमार्टम कराने में कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन लंबे समय से मृतका का शव मर्चुरी में रखा है, जिसके डीकंपोज होने की पूरी संभावना है। इसलिए विनम्र आग्रह है कि मृतका के शव को जल्द से जल्द ले जाएं। - भाई का आरोप- हम चक्रव्यूह में फंसे, वाइटल एविडेंस खत्म हो रहे ट्विशा के भाई आशीष शर्मा का कहना है कि हम तो एफआईआर होने के दिन से दोबारा पोस्टमार्टम की डिमांड कर रहे थे। इसके लिए पहले पुलिस ने मान भी लिया था, लेकिन फिर कहा कि ये लीगल मेटर है, कोर्ट जाना पड़ेगा। आशीष ने आगे कहा की हम चक्रव्यूह में फंस चुके हैं, अब एम्स कह रहा है कि डीप फ्रीज की व्यवस्था नहीं है। मेरी आशंका है कि एविडेंस की दृष्टि से सच सामने नहीं आए, क्या हम बिना सच सामने लाए और अपनी बहन को इंसाफ दिलाए बिना अंतिम संस्कार करके चले जाएं। गौरतलब है की ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से दूसरी बार पोस्टमार्टम कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। - 12 मई को हुई थी ट्विशा की मौत गौरतलब है कि नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा का शरीर 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटका मिला था। मामले में पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। वहीं, ट्विशा का पति समर्थ सिंह फिलहाल फरार हैं। ट्विशा के परिजन का आरोप है कि, दहेज की मांग को लेकर ससुराल पक्ष मानसिक प्रताड़ना दे रहा था, जिसके चलते ट्विशा ने आत्महत्या की है। परिवार ने मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग करते हुए शव लेने से इनकार कर दिया है। - इसलिये की दूसरे शहर में दोबारा पीएम की मांग पीड़ित परिवार की और के अधिवक्ता का कहना है की मृतका के परिवार ने दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) में दूसरी पीएम कराये जाने की मांग की है। ट्विशा के माता-पिता को आशंका थी की उसकी सास और रिटायर्ड एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज गिरिबाला सिंह की बहन भोपाल में सर्जन हैं। इसलिए अगर दूसरी ऑटोप्सी शहर के किसी हॉस्पिटल में हुई तो वह उसे प्रभावित कर सकती हैं। वकील का कहना है की जब ट्विशा का पहला पोस्टमॉर्टम हुआ, तो सर्जन को भोपाल के एम्स के पास देखा गया था। ऐसे में परिवार ने दिल्ली के एम्स में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। - परिजनो ने गिरिबाला सिंह को पद से हटाने के लिए राज्यपाल को लिखा पत्र ट्विशा के परिवार वालो ने राज्यपाल को पत्र लिखकर गिरिबाला सिंह को कंज्यूमर फोरम के पद से हटाने की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार पत्र में कहा गया है की गिरिबाला सिंह पर दहेज मृत्यु के तहत मामला दर्ज हुआ है, जिसमें वह अग्रिम जमानत पर है, और उनका बेटा फरार है, उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने इनाम घोषित किया है। गौरतलब है की वर्तमान में गिरिबाला सिंह है डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में पदस्थ है, डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में रिटायर्ड जज की नियुक्ति होती है। और कदाचार, दोष सिद्ध या किसी गंभीर मामले में उन्हें हटाने का प्रावधान है। - राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने की सीबीआई जांच की मांग राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव और गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर केस की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा है कि मृतका के परिवार का स्थानीय पुलिस और प्रशासन से भरोसा खत्म हो गया है, और जांच में कई लापरवाहियों के आरोप लगाए गए हैं। ट्विशा के पति भोपाल कोर्ट में वकील हैं। उनकी मां जिला जज रह चुकी हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए स्वतंत्र एजेंसी की जरूरत है। घटना को आठ दिन हो चुके हैं। परिवार ने अब तक अंतिम संस्कार के लिए शव नहीं लिया है। समय बीतने के साथ सबूत प्रभावित होने का खतरा बढ़ रहा है। इसलिए न्याय हित में मामले की जांच जल्द से जल्द सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। जुनेद / 19 मई