जबलपुर, (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के दमोह और जबलपुर में फर्जी डिग्री के आधार पर डॉक्टरों की नियुक्ति का मामला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। यह घटना केवल स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही ही नहीं बल्कि पूरी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है। एक और जहां मेहनती विद्यार्थी कठिन परीक्षाएं देकर डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं वहीं दूसरी ओर कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी प्राप्त कर समाज और चिकित्सा पेशे की गरिमा को कलंकित कर रहे हैं। यह बात अल्पसंख्यक कांग्रेस नेता सरदार दलवीर सिंह जस्सल सुमन कुमार जैन जारी एक बयान में कही। फर्जी डॉक्टरों और इससे जुड़े सभी लोगों पर कठोर कार्रवाई की मांग अल्पसंख्यक कांग्रेस नेता बलविंदर महान, हाजी मुईन खान, एड. हाजी अयाज खान, फैजान कुरैशी, एड. आसिफ मंसूरी, शाकिर कुरैशी, हुर वी, कहकशां अंजुम, मंजू पिल्ले, एल्बर्ट एंथोनी, अशरफ मंसूरी, राजकुमार जैन मामा, अतुल जोसेफ, राजेंद्र जैन बंधु, नेक राम पटेल, संजय वर्मा, अशोक यादव आदि ने की है। सुनील साहू / मोनिका / 20 मई 2026 / 06.34