राज्य
21-May-2026


- सीमा सील करने की तैयारी तेज कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने राज्य की सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे बड़ा फैसला किया है। नवान्न (सचिवालय) में सीमा सुरक्षा बल के आला अधिकारियों के साथ हुई हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य में पुशबैक कानून को तत्काल प्रभाव से लागू करने की घोषणा की। इसके तहत अब सीमा पार से आने वाले अवैध घुसपैठियों को राज्य पुलिस सीधे गिरफ्तार कर बीएसएफ के हवाले करेगी, जहां से उन्हें वापस बांग्लादेश डिपोर्ट (निर्वासित) किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 14 मई 2025 को ही घुसपैठियों को सीधे बीएसएफ को सौंपने की गाइडलाइन भेजी थी, लेकिन तत्कालीन ममता सरकार ने तुष्टीकरण के कारण इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था। उन्होंने साफ किया कि अब बंगाल में तुष्टीकरण की राजनीति खत्म हो चुकी है और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है। हाल के दिनों में महिला सुरक्षा, लव जिहाद और जबरन मतांतरण जैसे गंभीर अपराधों में अवैध घुसपैठियों की संलिप्तता देखी गई है, जिसे रोकने के लिए अब पुलिस और बीएसएफ मिलकर संयुक्त कार्रवाई तेज करेंगे। इस पूरी मुहिम को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट के मंत्र पर चलाया जाएगा और सीमावर्ती सभी थानों को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। भारत-बांग्लादेश की 2200 किलोमीटर लंबी बंगाल सीमा में से करीब 569 किलोमीटर पर जमीन की कमी के कारण फेंसिंग (कंटीले तार) नहीं लग पाई थी। इस बाधा को दूर करते हुए सरकार ने महज दस दिनों के भीतर बीएसएफ को शुरुआती फेंसिंग के लिए 75 एकड़ जमीन हस्तांतरित कर दी है। साथ ही बाकी बची जमीन को भी 45 दिनों के भीतर सौंपने का सख्त निर्देश दिया है ताकि सीमा को पूरी तरह सील किया जा सके। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सीएए को लेकर हिंदू शरणार्थियों के भ्रम को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि 31 दिसंबर 2024 से पहले भारत आए प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को ससम्मान नागरिकता मिलेगी और पुलिस उन्हें परेशान नहीं करेगी। यह कानून केवल अवैध घुसपैठियों के खिलाफ है। रामयश/ईएमएस 21 मई 2026