- दूसरे बच्चे को फेंकने की कोशिश नाकाम, यात्रियों ने दबोचा - आरपीएफ की हिरासत में आरोपी दंपत्ति चक्रधरपुर (ईएमएस)। चक्रधरपुर रेल मंडल से ममता को कलंकित कर देने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर कर रही एक कलयुगी मां पर अपने ही डेढ़ महीने के मासूम बच्चे को चलती ट्रेन से बाहर फेंकने का संगीन आरोप लगा है। यह दिल दहला देने वाली घटना राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच की है। इस खौफनाक कदम के बाद रेल पटरी के किनारे से मासूम बच्चे का शव बरामद किया गया है, जिससे पूरे प्रशासनिक और स्थानीय अमले में हड़कंप मच गया है। चश्मदीदों के मुताबिक, ट्रेन में सवार महिला ने अचानक अपने डेढ़ माह के शिशु को खिड़की से बाहर फेंक दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि वह अपने दूसरे करीब तीन साल के बच्चे को भी ट्रेन से नीचे फेंकने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, बोगी में मौजूद अन्य सह-यात्रियों ने तत्परता और साहस दिखाते हुए दूसरे बच्चे को उसके चंगुल से बचा लिया। इसके बाद यात्रियों ने आरोपी महिला और उसके पति को दबोच लिया और तुरंत आरपीएफ के हवाले कर दिया। शुरुआती पूछताछ में आरोपी महिला की पहचान पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव की रहने वाली मुद्रावती गोप के रूप में हुई है, जबकि उसके पति ने अपना नाम शाहबुद्दीन बताया है, जो पश्चिम बंगाल का निवासी है। जानकारी के अनुसार, करीब चार साल पहले शाहबुद्दीन ने मुद्रावती से प्रेम विवाह किया था, जिसके बाद मझगांव थाने में अपहरण और शादी को लेकर मामला दर्ज कराया गया था। बताया जा रहा है कि पुलिस के लगातार बढ़ते दबाव के कारण शाहबुद्दीन अपनी पत्नी और दोनों बच्चों के साथ वापस मझगांव लौट रहा था, तभी सफर के दौरान यह दर्दनाक वाकया हो गया। फिलहाल आरपीएफ और जीआरपी ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है और पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर एक मां ने अपने ही जिगर के टुकड़े के साथ ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया। रामयश/ईएमएस 21 मई 2026