अंतर्राष्ट्रीय
21-May-2026


ढाका,(ईएमएस)। शेख हसीना सरकार द्वारा हटाए गए वाक्यांश इजरायल को छोड़कर को बांग्लादेश अपने पासपोर्ट पर फिर से छापने की तैयारी कर रहा है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेतृत्व वाली नई सरकार ने यह बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान से जुड़ी तस्वीरों और प्रतीकों को पासपोर्ट से हटाया जा रहा है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब बांग्लादेश अपनी विदेश नीति और राष्ट्रीय पहचान के कुछ प्रमुख प्रतीकात्मक पहलुओं को नया रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों का कहना है कि यह कदम देश की विदेश नीति, जनभावना और फिलिस्तीनी मुद्दे पर उसके लंबे समय से चले आ रहे रुख के अनुरूप है। गौरतलब है कि इससे पहले भी पाकिस्तानी पासपोर्ट पर इजरायल को छोड़कर की शर्त छपी होती है। शेख हसीना के कार्यकाल में इस हटाया गया था, हालांकि इजरायल में बांग्लादेशी पासपोर्ट के इस्तेमाल पर तब भी पाबंदी जारी थी। पिछले साल मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने भी राजनयिक पासपोर्ट में यह वाक्यांश वापस लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन तब पूर्णतः लागू नहीं हो पाया था। फरवरी में हुए चुनावों में बीएनपी की भारी जीत के बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनते ही संशोधन प्रक्रिया को गति मिली। गृह मंत्रालय ने इस संबंध में अप्रैल में कई बैठकें कीं और बदलावों को मंजूरी प्रदान की। इन बदलावों को नई सरकार की ओर से बांग्लादेश की पहचान के प्रतीकात्मक पहलुओं को नया रूप देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि रहमान सरकार इजरायल विरोधी विचार रखने वाले कट्टरपंथियों को लुभाने और अवामी लीग से संबंधित सभी प्रतीकों को खत्म करना चाहती है। वर्तमान में ई-पासपोर्ट के हर पन्ने पर विभिन्न ऐतिहासिक जगहों की वॉटरमार्क वाली तस्वीरें होती हैं, जिसमें धनमंडी 32 स्थित शेख मुजीबुर रहमान का घर, तुंगीपारा में बंगबंधु का मकबरा, सुहरावर्दी उद्यान में स्वतंत्रता स्मारक सहित अन्य कई चित्र शामिल हैं। इन सभी अवामी लीग से संबंधित प्रतीकों को नए पासपोर्ट से हटाया जाएगा। यह बदलाव केवल नए जारी होने वाले पासपोर्ट पर लागू होगा। पहले से जारी पासपोर्ट की अवधि समाप्त होने और उनके नवीनीकरण के समय ही इजरायल को छोड़कर वाक्यांश वाले नए पासपोर्ट जारी किए जाएंगे, जिससे बांग्लादेश की राष्ट्रीय दस्तावेज में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। आशीष दुबे / 21 मई 2026