अंतर्राष्ट्रीय
21-May-2026
...


भारतीय रक्षा कंपनी लार्सन एंड टर्बो ने दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए सियोल,(ईएमएस)। भारत और दक्षिण कोरिया ने मिलकर स्टार वॉर्स जैसी अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों के विकास और उत्पादन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सियोल की अपनी द्विपक्षीय यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं, इसके तहत दोनों देश लेजर हथियार और मोबाइल एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म जैसी अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों को संयुक्त रूप से तैयार करने की योजना बना रहे हैं। यह पहल विशेष रूप से उभरते हवाई खतरों का मुकाबला करने के उद्देश्य से की गई है। केंद्रीय रक्षा सिंह ने कहा कि वाणिज्यिक क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग की सफलता को अब रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी बढ़ेगी। उन्होंने द.कोरिया की तकनीकी उत्कृष्टता, भारत के बड़े पैमाने, प्रतिभा, विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और नवाचार क्षमताओं को मजबूत सहयोग आधार बताया। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर दोनों देश भविष्य के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी और रक्षा प्रणालियों का विकास और उत्पादन कर सकते हैं। अपनी यात्रा के दौरान, राजनाथ सिंह ने रिपब्लिक ऑफ कोरिया (आरओके) के रक्षा मंत्री आन ग्यू-बैक के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। इस बातचीत का मुख्य जोर औद्योगिक सहयोग, संयुक्त उत्पादन, समुद्री सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर था। सूत्रों ने बताया कि यात्रा के दौरान भारतीय रक्षा कंपनी लार्सन एंड टर्बो (एलएंडटी) ने भविष्य के लिए निर्देशित ऊर्जा हथियार और स्वचालित वायु रक्षा प्रणाली के संयुक्त विकास और उत्पादन के लिए समझौते किए। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने इन दो समझौतों को दक्षिण कोरिया की हनवा कॉर्पोरेशन के साथ किए करार बताकर भारत-कोरिया रक्षा नवाचार और प्रौद्योगिकी साझेदारी के लिए एक मजबूत भविष्य का संकेत बताया। रक्षा मंत्री राजनाथ ने दक्षिण कोरिया के रक्षा अधिग्रहण कार्यक्रम प्रशासन (डीएपीए) के मंत्री ली योंग-चुल से भी मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने संयुक्त विकास के साथ-साथ संयुक्त निर्यात के मौके पैदा करने के लिए अपने आपसी प्रयासों का उपयोग करने पर सहमति जाहिर की। इसके अतिरिक्त, राजनाथ सिंह ने भारत-आरओके रक्षा उद्योग व्यापार गोलमेज सम्मेलन की भी अध्यक्षता की, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और प्रमुख रक्षा उद्योग प्रतिनिधि एक साथ शामिल हुए, जिसने रक्षा क्षेत्र में गहरे सहयोग के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता को उजागर किया। आशीष दुबे / 21 मई 2026