राष्ट्रीय
21-May-2026


-मध्य प्रदेश में एक साल में 3 लाख से ज्यादा कम हुए लाभार्थी -ई-केवाईसी और आधार लिंकिंग बनी बड़ी वजह नई दिल्ली,(ईएमएस)। मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। बीते एक वर्ष में योजना से जुड़े किसानों की संख्या में 3 लाख से अधिक की कमी दर्ज की गई है। इसके पीछे ई-केवाईसी लंबित रहना और बैंक खातों का आधार से लिंक न होना प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में प्रदेश के 86.49 लाख किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ मिला था, जबकि 2025-26 में यह संख्या घटकर 83.01 लाख रह गई है। पिछले पांच वर्षों में यह सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। इससे पहले वर्ष 2021-22 में 85.44 लाख, 2022-23 में 85.42 लाख और 2023-24 में 83.18 लाख किसानों ने योजना का लाभ प्राप्त किया था। जानकारी के मुताबिक फरवरी तक प्रदेश में 80,235 किसानों की ई-केवाईसी लंबित थी, जबकि 1.87 लाख से अधिक किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हो पाए थे। इसके चलते हजारों किसानों की किस्तें अटक गईं या भुगतान नहीं हो सका। पीएम किसान योजना में लाभार्थियों की संख्या में गिरावट का दौर पहले भी देखा गया था। 10वीं किश्त के समय प्रदेश में 84.52 लाख किसान योजना से जुड़े थे, लेकिन 11वीं किश्त में यह संख्या घटकर 83.48 लाख, 12वीं किश्त में 81.59 लाख और 13वीं किश्त में 71.44 लाख तक पहुंच गई थी। हालांकि बाद में संख्या में सुधार हुआ और 19वीं किश्त तक लाभार्थियों की संख्या फिर 85 लाख के पार पहुंच गई। इसके बाद 20वीं और 21वीं किश्त में फिर गिरावट दर्ज की गई। सागर-शिवपुरी सबसे आगे जिलावार आंकड़ों में सागर और शिवपुरी सबसे आगे हैं। सागर जिले में 2.87 लाख और शिवपुरी में 2.72 लाख किसान योजना से जुड़े हैं। इसके बाद छतरपुर, बैतूल, राजगढ़, मुरैना, धार, विदिशा और मंदसौर का स्थान आता है। वहीं सबसे कम 46,789 लाभार्थी बुरहानपुर जिले में हैं। भोपाल में 55,134 और हरदा में 59,212 किसान योजना का लाभ ले रहे हैं। हजारों ने स्वेच्छा से छोड़ी योजना प्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में 9,366 किसानों ने स्वेच्छा से योजना छोड़ दी है। वर्ष 2023 में 4,171 किसानों ने योजना से बाहर होने का फैसला किया, जबकि 2024 में 3,256 और वर्ष 2025 में मई तक 1,939 किसानों ने लाभ लेना बंद कर दिया। मुरैना, छतरपुर और बालाघाट जिलों में ऐसे मामलों की संख्या सबसे अधिक सामने आई है। हिदायत/ईएमएस 21मई26