शंकराचार्य गो-एलएक्स पर गाय खरीदेंगे और बेचेंगे वाराणसी(ईएमएस)। गोहत्या के खिलाफ आंदोलन चला रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अब गायों की ऑनलाइन खरीद-फरोख्त का ऐलान किया है। शंकराचार्य ने गो-एलएक्स नाम से एक वेबसाइट शुरू करने का फैसला किया है, जिसके माध्यम से गायों की खरीद की जाएगी। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम एक वेबसाइट बनवा रहे हैं। इस वेबसाइट के जरिए हम गायों को खरीदेंगे। जो पशुपालक या व्यापारी अपनी गाय बेचना चाहता है, वह वेबसाइट पर विज्ञापन दे सकता है। अगर कोई हिंदू अपनी गाय बेचना चाहता है, तो मुझे बेचे। हम खरीदने के लिए तैयार हैं। हम गायों को कटने नहीं देंगे और किसी गोहत्यारे को गाय खरीदने नहीं देंगे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गुरुवार को एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने कहा कि हम गायों को खरीदकर उनकी सेवा करेंगे। हिंदुओं के कहने पर ही अपने वेबसाइट बनाई है। हमने इसका नाम गो-एलएक्स रखा है। लोग अपनी गाय यहां बेच सकते हैं। गो संरक्षण को समर्पित लोग भी उन गायों को खरीदकर सेवा कर सकेंगे। गायों को ऑनलाइन खरीदने का फैसला लेने की वजह बताते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों से यह नैरेटिव फैलाया जा रहा कि यदि मुसलमान गाय खरीदना बंद कर देंगे या गो मांस खाना छोड़ देंगे तो हिंदू पशुपालक आर्थिक संकट में आ जाएंगे। गो-एलएक्स का मकसद, गायों को कटने से बचाना है शंकराचार्य ने कहा कि गो-एलएक्स मंच का उद्देश्य किसी भी परिस्थिति में गाय को कत्लखाने जाने से रोकना है। यह मंच ओएलएक्स की तर्ज पर कार्य करेगा। जहां गाय बेचने की इच्छा रखने वाले लोग संपर्क कर सकेंगे। गो सेवक और गो भक्त गायों को संरक्षण के लिए खरीद सकेंगे। उन्होंने कहा कि वह ऐसी गायों को खरीदेंगे जो दूध देना बंद कर दी हैं या जिनको कसाई को बेचा जा रहा। पशुपालक उन गायों को हमारी वेबसाइट पर सीधे बेच सकेंगे और हम उसकी खरीदी करेंगे।कोई भी सच्चा हिंदू अपनी गाय को कटने के लिए नहीं बेच सकता। यदि किसी व्यक्ति में वास्तविक हिंदुत्व है, तो वह कभी भी गाय को कसाई के हाथों में नहीं सौंपेगा। मुस्लिम समाज भी गोहत्या बंदी के समर्थन में... शंकराचार्य ने कहा कि भारत में गो हत्या बंदी के समर्थन में मुस्लिम समाज भी है। मुस्लिम समाज के काफी लोग साथ हैं। उन्होंने यह स्वीकार किया है कि इस्लाम में गो मांस खाना कोई अनिवार्य धार्मिक कर्तव्य नहीं है। हम ऐसे लोगों का स्वागत करते हैं। यदि देश में गोहत्या और गोमांस भक्षण बंद होता है, तो इससे सामाजिक सौहार्द और आपसी सद्भाव को बल मिलेगा। विनोद उपाध्याय / 2026