क्षेत्रीय
21-May-2026
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० सरकार के कुप्रबंधन और जल जीवन मिशन की धीमी रफ्तार पर कांग्रेस ने उठाए सवाल रायपुर (ईएमएस)। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता वंदना राजपूत ने छत्तीसगढ़ में उत्पन्न पेयजल संकट के लिए राज्य की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी शुरू होते ही प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है तथा सरकार स्थिति संभालने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। वंदना राजपूत ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत घर-घर नल पहुंचाने का कार्य पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था, लेकिन सरकार बदलने के बाद पेयजल परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों के भुगतान रोकने और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उदासीनता के कारण योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हुआ है। कांग्रेस ने दावा किया कि रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, जशपुर, बलरामपुर, अंबिकापुर और सूरजपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। राजधानी रायपुर के 70 में से 35 वार्ड जल संकट से प्रभावित बताए गए हैं, जहां बड़ी आबादी टैंकरों पर निर्भर हो गई है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार के कुप्रबंधन, भूजल के अत्यधिक दोहन और वनों की कटाई के कारण जल स्तर में भारी गिरावट आई है। कई ग्रामीण क्षेत्रों में 300 से 400 फीट गहराई तक भी पानी उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जल जीवन मिशन के तहत जिन क्षेत्रों में 80 से 90 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं, वहां भी कार्य रोक दिए गए हैं, जिससे आम जनता को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वंदना राजपूत ने यह भी कहा कि पर्याप्त वर्षा और जलाशयों में पर्याप्त जल भंडारण के बावजूद सरकार की नीतियों के कारण डैमों का पानी तेजी से खाली हो रहा है। उनके अनुसार राज्य के 46 में से 32 डैमों में पिछले वर्ष की तुलना में कम पानी है तथा 20 डैमों का जलस्तर 25 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया है। सत्यप्रकाश /चंद्राकर/21 मई 2026