राष्ट्रीय
21-May-2026


सुल्तानपुर (ईएमएस)। यूपी के सुल्तानपुर जिले में कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में नया मोड़ आ गया है। भाजपा नेता विजय मिश्र के अधिवक्ता ने निचली अदालत के एक आदेश के खिलाफ सत्र न्यायालय (सेशन कोर्ट) में निगरानी याचिका (रिवीजन) दाखिल की है। राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि परिवादी विजय मिश्र ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें साक्ष्य के तौर पर कुछ सैंपल लेने की उनकी मांग खारिज कर दी गई थी। यह निगरानी याचिका वर्तमान में एडीजे पंचम की अदालत में विचाराधीन है। एडीजे कोर्ट ने इस निगरानी याचिका पर सुनवाई के लिए 30 मई 2026 की तारीख तय की है। कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी पत्रावली भी तलब की है। इस बीच मूल मानहानि मुकदमे की अगली सुनवाई 17 जून को कोर्ट में होगी। यह निगरानी याचिका निचली अदालत के दो मई के आदेश के खिलाफ दायर की गई है। दरअसल, दो मई को परिवादी के अधिवक्ता की ओर से साक्ष्य के तौर पर सैंपल लेने के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र को कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अधिवक्ता संतोष पांडेय ने उस आदेश की सत्य प्रतिलिपि न मिलने का हवाला देते हुए रिवीजन दायर करने के लिए कोर्ट से समय मांगा था। मानहानि का मामला भाजपा नेता विजय मिश्र ने अक्तूबर 2018 में दर्ज कराया था। इस मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। राहुल गांधी ने 26 जुलाई 2024 को एमपी-एमएलए कोर्ट में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने खुद को निर्दाेष बताते हुए इसे एक राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। इसके बाद से लगातार गवाह पेश किए जा रहे थे। इससे पहले 20 फरवरी को भी राहुल गांधी ने एमपी-एमएलए कोर्ट में सीआरपीसी की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया था। कोर्ट ने उन्हें अपनी बेगुनाही के संबंध में सफाई और साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा था। जितेन्द्र 21 मई 2026