मुम्बई (ईएमएस)। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने कहा है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में आजकल बल्लेबाज हावी हो रहे है जिससे खेल का रोमांच घट रहा है जिससे बढ़ाने के लिए गेंद और बल्ले में संतुलन लाना होगा। इसके लिए कुछ बदलाव भी करने होंगे। चोपड़ा के अनुसार पिछले कुछ सत्र में ये देखा गया है कि सपाट पिचों और छोटी बाउंड्रियों के कारण बल्लेबाज वावी हो गये हैं जिससे मुकबले एकतरफा हो रहे हैं। ऐसे में खेल को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए ऐसे बदलाव करने होंगे जिससे कि उसका रोमांच बढ़ सके। इसमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण सुझाव गेंदबाजों को मजबूत करने से जुड़ा है। इसके तहत तीन विकेट पर एक अतिरिक्त ओवर मिलना चाहिये। चोपड़ा के अनुसार, यदि कोई गेंदबाज एक पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन विकेट ले लेता है, तो उसे अपनी चार ओवर की तय सीमा के अलावा एक पांचवां ओवर फेंकने का अवसर मिलना चाहिए। यह नियम गेंदबाजों को अधिक आक्रामक होने और विकेट लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा, जिससे मैच में नया मोड़ आ सकता है और बल्लेबाजों को भी और सतर्क रहना होगा। दूसरा सुझाव बड़ी जीत पर अतिरिक्त अंक प्रदान करने का है, जिसका उद्देश्य टीमों को केवल जीत दर्ज करने के बजाय प्रभावशाली तरीके से जीतने के लिए प्रेरित करना है। वर्तमान नियमों के तहत जीत पर दो अंक मिलते हैं। चोपड़ा ने सुझाया है कि यदि कोई टीम किसी लक्ष्य को 15-16 ओवर में ही हासिल कर लेती है, या बचाव करते हुए 40 से अधिक रनों के बड़े अंतर से जीत दर्ज करती है, तो उसे दो के बजाय तीन अंक दिए जाने चाहिए। यह बदलाव लीग चरण के दौरान टीमों के बीच एक अतिरिक्त अंक हासिल करने की होड़ बढ़ाएगा, जिससे हर मैच में अंतिम गेंद तक रोमांच बना रहेगा और टीमें सिर्फ नेट रन रेट पर ही नहीं, बल्कि बड़े अंतर से जीत पर भी ध्यान केंद्रित करेंगी। वहीं तीसरा और संभवतः सबसे अनोखा प्रस्ताव 100 मीटर से लंबे छक्के पर 8 रन का है। यह बात इससे पहले रोहित शर्मा भी कही थी। चोपड़ा का मानना है कि आईपीएल में ऐसे असाधारण मौके कम ही आते हैं जब कोई बल्लेबाज 100 मीटर से अधिक लंबा छक्का लगाता है। यदि कोई खिलाड़ी यह उपलब्धि हासिल करता है, तो उसे छह के बजाय आठ रन मिलने चाहिए। हालांकि चोपड़ा ने इसे विवादित बताया, उनका तर्क है कि इससे बल्लेबाज बड़े छक्के लगाने के प्रयास में अधिक जोखिम उठा सकते हैं, जिससे उनके आउट होने की संभावना बढ़ेगी और खेल में अप्रत्याशितता का तत्व जुड़ जाएगा। यह प्रशंसकों के लिए एक अतिरिक्त रोमांच होगा। यदि बीसीसीआई इन तीनों सुझावों को लागू करने पर विचार करती है, तो निश्चित रूप से इंडियन प्रीमियर लीग के स्वरूप में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ सकता है। ये नियम बदलाव न केवल खेल में संतुलन बहाल करेंगे, बल्कि इसे दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग के रूप में और अधिक मनोरंजक और प्रतिस्पर्धी भी बनाएंगे, जिससे हर मैच एक यादगार अनुभव बन सकेगा। गिरजा/ईएमएस 22 मई 2026