खेल
25-May-2026
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मुम्बई (ईएमएस)। इंडियन प्रीमियर लीग क्रिकेअ (आईपीएल) के प्लेऑफ मुकाबले मंगलवार से शुरु हो रहे हैं। इसमें लीग स्टेज में शीर्ष पर रही चार सर्वश्रेष्ठ चार टीमें खिताब के लिए टकरायेगी। ये प्रारुप पारंपरिक सेमीफाइनल प्रणाली से अलग है और इसमें प्लेऑफ के ग्रुप स्टेज में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाली टीमों को पुरस्कृत करने और खेल को और अधिक रोमांचक बनाने के लिए लाया गया है। ये प्रारुप इस प्रकार काम करता है। जहां आईसीसी के बड़े टूर्नामेंट्स में सेमीफाइनल होते हैं। वहीं प्लेऑफ की प्रणाली ऐसी है कि एक हार के बाद भी टीम को अवसर मिलता है। जिससे एक खराब दिन के कारण कोई टीम बाहर नहीं हो सकती। इसमें कुल चार मुकाबले होते हैं: क्वालीफायर 1, एलिमिनेटर, क्वालीफायर 2 और फाइनल। क्वालीफायर 1: अंक तालिका में शीर्ष दो स्थान पर रहने वाली टीमें क्वालीफायर 1 खेलती हैं। इस मैच का विजेता सीधे फाइनल में जगह बनाता है, जबकि हारने वाली टीम को टूर्नामेंट से बाहर नहीं किया जाता। उसे अपनी किस्मत आज़माने का एक और मौका मिलता है, और वह क्वालीफायर 2 में जाती है। यह शीर्ष दो में रहने का सबसे बड़ा लाभ है। एलिमिनेटर: नंबर तीन और चार पर रहने वाली टीमों के बीच एलिमिनेटर मुकाबला होता है। यह नॉक आउट मैच होता है। इसमें हारने वाली टीम का सफर तुरंत खत्म हो जाता है। वहीं जीतने वाली टीम क्वालीफायर 2 में प्रवेश करती है। क्वालीफायर 2: यह फाइनल में पहुंचने का अंतिम रास्ता है। इसमें क्वालीफायर 1 में हारने वाली टीम और एलिमिनेटर की विजेता टीम खेलती है। इसमें जीतने वाली टीम फाइनल में जाती है, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाती है। इससे साफ है कि लीग में केवल शीर्ष 4 में आना ही काफी नहीं, बल्कि शीर्ष -2 में जगह बनाना सबसे लाभदायक है। ऐसे में फाइनल में पहुंचने के लिए दो अवसर मिलते हैं। इसके विपरीत, तीसरे और चौथे स्थान की टीमों के लिए राह बेहद चुनौतीपूर्ण होती है; उन्हें ट्रॉफी जीतने के लिए लगातार तीन मैच जीतने होते हैं, एक भी हार उन्हें बाहर कर देती है। इस प्रकार हुई शुरुआत: आईपीएल ने अपने शुरुआती तीन सीज़न (2008-2010) में पारंपरिक सेमीफाइनल प्रारुप का इस्तेमाल किया था। लेकिन ग्रुप स्टेज में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद एक खराब दिन के कारण बाहर होने वाली टीमों को राहत देने दे प्रारुप शुरु किया गया। इसी को ध्यान में रखते हुए, 2011 में आईपीएल में पहली बार प्लेऑफ प्रारुप को पेश किया गया। यह इतना सफल और रोमांचक साबित हुआ कि आज ऑस्ट्रेलियाई बिग बैश सहित दुनिया भर की कई अन्य क्रिकेट लीग भी इसी प्रारुप के आधार पर चल रही हैं। ईएमएस 25मई 2026