राज्य
22-May-2026


- कांग्रेस से कमलनाथ, पटवारी, अरुण यादव में रेस; कुरियन को रिपीट कर सकती है बीजेपी भोपाल (ईएमएस)। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान शुक्रवार को कर दिया है। 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर 18 जून को मतदान होगा। इनमें मध्य प्रदेश की तीन सीटें शामिल हैं। मध्य प्रदेश से राज्यसभा के तीन सदस्यों का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो रहा है। इनमें कांग्रेस के दिग्विजय सिंह जबकि बीजेपी से केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी शामिल हैं। कांग्रेस से दिग्विजय सिंह इस बार चुनाव लडऩे से मना कर चुके हैं। उनकी सीट पर पूर्व सीएम कमलनाथ, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव, सज्जन सिंह वर्मा के नाम रेस में हैं। वहीं, बीजेपी कुरियन को दोबारा उच्च सदन भेज सकती है। सुमेर सिंह की सीट पर भी किसी और आदिवासी चेहरे को उतारा जा सकता है। अधिसूचना के मुताबिक, खाली सीटों पर 8 जून तक नामांकन किए जा सकते हैं। 9 जून को जांच के बाद 11 जून तक नाम वापिस लिए जा सकेंगे। 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे। काउंटिंग के बाद उसी दिन रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। चुनावी घोषणा के साथ ही राजनीतिक पार्टियों की सक्रियता बढ़ गई है। कांग्रेस के सामने अपनी एक सीट के लिए विधायकों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती है। कांग्रेस के लिए मुश्किल यह है कि दतिया विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता जा चुकी है। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाएंगे। बीना विधायक निर्मला सप्रे भाजपा और कांग्रेस के बीच झूल रही हैं। ऐसे में वो किस दल के पक्ष में मतदान करेंगी, फिलहाल निश्चित नहीं है। भारती की सदस्यता जाने के बाद संख्याबल के हिसाब से विधानसभा में भाजपा के 164, कांग्रेस के 64 जबकि एक भारत आदिवासी पार्टी के विधायक हैं। एक सीट रिक्त है। कुरियन को रिपीट कर सकती है भाजपा जॉर्ज कुरियन मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे भाजपा के उन पुराने और वफादार नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने पार्टी के गठन के समय से ही इसका झंडा थाम रखा है। वे 1980 से पार्टी से जुड़े हैं। हाल ही में उन्होंने केरलम विधानसभा चुनाव में कांजिरापल्ली सीट से किस्मत आजमाई थी, वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा। केरलम जैसे राज्य में पार्टी का ईसाई चेहरा होने और केंद्र सरकार में सक्रिय भूमिका के कारण यह माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें एक बार फिर मध्य प्रदेश के कोटे से ही उच्च सदन भेज सकती है। सुमेर की सीट पर विकल्प के लिए मंथन डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी बीजेपी के प्रदेश महामंत्री बनाए जा चुके हैं। वे संघनिष्ठ आदिवासी चेहरे हैं। मध्य प्रदेश में 22 फीसदी आदिवासी आबादी है। ऐसे में बीजेपी के अंदरखाने उनकी सीट पर आदिवासी नेताओं के नामों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, अंतिम फैसला दिल्ली से ही होगा। इससे पहले साल 2020 में जब राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों पर मंथन चल रहा था, तब बीजेपी ने सोलंकी के नाम की घोषणा कर सबको चौंका दिया था। उस समय वे सरकारी नौकरी में थे, इसलिए चुनाव लडऩे के लिए उन्होंने तत्काल प्रोफेसर के पद से इस्तीफा दिया। तकनीकी कारणों से उनका इस्तीफा मंजूर होने में कुछ देरी हुई थी, लेकिन अंतत: वे चुनावी मैदान में उतरे और राज्यसभा पहुंचे थे। विनोद / 22 मई 26