बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल लेने वालों का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य जबलपुर, (ईएमएस)। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज संकट का असर अब देश के शहरों तक दिखाई देने लगा है। अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच पेट्रोल और डीजल की मांग अचानक बढ़ने से तेल कंपनियों ने आपूर्ति व्यवस्था पर सख्ती शुरू कर दी है। जबलपुर समेत प्रदेश के कई शहरों में पेट्रोल पंपों को निर्देश दिए गए हैं कि बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदने वालों का पूरा ब्यौरा कंपनियों को उपलब्ध कराया जाए। कंपनियां आशंका जता रही हैं कि घबराहट में हो रही अतिरिक्त खरीदी के कारण आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। शहर के पेट्रोल पंप संचालकों के अनुसार अब पांच हजार रुपए से अधिक का पेट्रोल और दस हजार रुपए से अधिक का डीजल देने पर ग्राहक की जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें खरीदार का नाम, उपयोग का उद्देश्य और आपूर्ति की मात्रा शामिल रहेगी। तेल कंपनियां विशेष रूप से थोक बिक्री पर निगरानी कर रही हैं। यदि किसी पंप द्वारा तय नियमों का पालन नहीं किया गया तो उसके नोजल तक अस्थायी रूप से बंद किए जा सकते हैं। औद्योगिक इकाइयों को सप्लाई पर कंपनियों की नजर ……… तेल कंपनियों का मानना है कि कई पेट्रोल पंप औद्योगिक संस्थानों को खुले बाजार दरों पर बड़ी मात्रा में ईंधन उपलब्ध करा रहे हैं। जबकि उद्योगों के लिए अलग कोटा निर्धारित रहता है। ऐसे में सामान्य ग्राहकों के लिए उपलब्ध स्टॉक प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कंपनियों ने सभी पंपों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग तेज कर दी है और बिक्री का पूरा डेटा सीधे पोर्टल पर लिया जा रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि पहले कंपनियां उधारी व्यवस्था के तहत तेल उपलब्ध कराती थीं, लेकिन अब अग्रिम भुगतान और इंडेंट के बाद ही सप्लाई भेजी जा रही है। इससे टैंकरों की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे बने रहे तो आने वाले दिनों में शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर ईंधन संकट की स्थिति भी बन सकती है। घबराहट में बढ़ी खरीदारी …….. अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ने के बाद कई लोग अतिरिक्त पेट्रोल और डीजल जमा करने लगे हैं। इसका असर सीधे खुदरा बिक्री पर दिखाई दे रहा है। सामान्य दिनों की तुलना में मांग बढ़ने से पंप संचालक भी सतर्क हो गए हैं। हालांकि तेल कंपनियों ने फिलहाल किसी प्रकार की कमी से इनकार किया है, लेकिन निगरानी और नियंत्रण बढ़ाकर स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है। सुनील साहू / मोनिका / 22 मई 2026 / 06.22