-नियमों की उड़ा रहे धज्जियां, उम्र के काईटेरिया के लिए रसूख के दम पर दस्तावेजों में बदली जन्म तिथि शहडोल (ईएमएस) । पद की चाह में कोई व्यक्ति किस स्तर तक जा सकता है और अपने परिजनों के राजनीति रसूख का इस्तेमाल कितना कर सकता है। इसका उदाहरण शहडोल में युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पद के दावेदार जानू सिंह छाबड़ा ने पेश किया हेँ। उन्होंने पद की चाह में एक बार नही तीन बार अपनी जन्मतिथि में बदलाब कराया हेै। वह भी इस लिए क्योकि इस पद के लिए पार्टी के क्राइटेरिया के हिसाब से उम्र 35 वर्ष होना चाहिए। पद की जाह में अपने परिजनों के रसूख का उपयोग करके दस्तावेजों में ही हेरफेर की है। शहडोल जिले में युवा मोर्चा के अध्यक्ष पद के लिए पूर्व जिला अध्यक्ष इंदरजीत सिंह छाबड़ा और धनपुरी नगर पालिका अध्यक्ष रविन्दर कौर छबड़ा के पुत्र जानू सिंह छाबड़ा का नाम सामने आ रहा है। पार्टी द्वारा युवा मोर्चा में उम्र का क्राईटेरिया तय किया हुआ है जिसके अनुसार पदाधिकारी की उम्र 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए, ऐसे में जानू सिंह छबड़ा ने अपने दस्तावेजों में हेरफेर करके कम उम्र दिखाकर इस पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। जानू छाबड़ा को पार्टी की जिला अध्यक्ष अमिता चापरा का भी आयाीर्वाद प्राप्त है वह भी जानू को युवा मोर्चा का जिला अध्यक्ष बनवाने के लिए प्रयास रत है। समग्र आईडी में जन्म तिथि में बदलाब, आधार कार्ड में अलग जानू सिंह छाबड़ा की नगर पालिका से समग्र आईडी में तीन बार बदलाब किया गया हेै जिसमें पहली बार की जन्म तिथि 01/12 1988 थी, जिसे 01/12/89 कराया गया इसके बाद दूसरी बार में 01/12/1989 से बदलबा कर 01/12/1991 कराया गया है। जानू छाबड़ा के आधार काउर् में उनकी जन्मतिथि 01/12/1989 लिखी हुई है। वही नगर पालिका की बोटर लिस्ट जो वर्ष 2021 की है उसमें जानू छाबड़ा की उम्र 33 वर्ष लिखी है। पिता और मां के रसूख का उपयोग जानू छाबड़ा के पिता इंदरजीत सिंह छाबड़ा शहडोल के वर्ष 2016 से 2019 तक जिला अध्श्क्ष रहे है। उनकी मां रविंदर कौर छाबड़ा वर्तमान में धनपुरी नगरपालिका की अध्यक्ष है। इसी रसूख का उपयोग करके समग्र आईडी में जन्मतिथि में बदलाब करया गया है। संगठन की साख दाव पर शहडोल के भाजपा कार्यकर्ता जानू सिंह छाबड़ा की दावेदारी को लेकर दबी जुवान से संगठन की साख को दाव पर लगाने की बात कह रहे है। उनका मानना है कि पूर्व में जिला अध्यक्ष के लिए तय क्राइटैरिया से बाहर के लोगों को संगठन ने बाद में पद से हटा दिया था कही ऐसा ही शहडोल के युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष के साथ न हो जिससें संगठन की साख पर दाग लगें। आशीष पाराशर