राज्य
22-May-2026


:: हाईकोर्ट ने माना गंभीर मामला; एसी कोच अटेंडेंट सहित संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के 8 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार :: जबलपुर/इंदौर (ईएमएस)। मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में रेल नेटवर्क के जरिए दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले संगठित अंतरराज्यीय गिरोह के हौसले पस्त हो गए हैं। मामले के मुख्य आरोपी परवेज खान और दीपक पारखे की प्रथम जमानत याचिका को माननीय उच्च न्यायालय, जबलपुर ने खारिज कर दिया है। अदालत ने स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) द्वारा की गई सटीक विवेचना और अभियोजन पक्ष की अकाट्य दलीलों को सही मानते हुए वन्यजीवों की तस्करी को अत्यंत गंभीर और संवेदनशील प्रकृति का माना। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष 3 फरवरी को पटना-इंदौर एक्सप्रेस में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और वनमंडल भोपाल ने संयुक्त रूप से एक बड़ी छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्टेशन से आरोपी अजय सिंह राजपूत (निवासी इंदौर) को दबोचा गया था, जो ट्रेन के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच (फर्स्ट एसी) में अटेंडेंट के रूप में कार्यरत था। उसके पास से 311 नग दुर्लभ और प्रतिबंधित प्रजाति के जीवित कछुए बरामद किए गए थे, जिसके बाद एसटीएसएफ ने वन अपराध प्रकरण क्रमांक 237/23 दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया था। :: 9 शहरों में एक साथ छापे, पेट शॉप मालिक और डॉग ब्रीडर भी शामिल :: गिरफ्तार आरोपी को फॉरेस्ट रिमांड पर लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई और वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया गया, तो कछुओं के अवैध व्यापार से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीमों ने प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, शाजापुर सहित उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक साथ दबिश दी। इस गिरोह में पेट शॉप ओनर (दुकानदार), पेट पैरेंट, डॉग ब्रीडर और रेलवे कर्मचारी शामिल थे। :: चार दुर्लभ प्रजातियों के 313 कछुए हुए थे जब्त :: इस पूरी कार्रवाई के दौरान वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 में दर्ज चार अत्यंत दुर्लभ प्रजातियों (इंडियन टेंट टर्टल, इंडियन रूफ्ड टर्टल, क्राउंड रिवर टर्टल और स्टार टॉर्टॉइज़) के कुल 313 जीवित कछुए और 2 नग जीवित रोज-रिंग पैराकीट (तोते) जब्त किए गए थे। इसके साथ ही अपराध में इस्तेमाल 1 मोटरसाइकिल, 8 मोबाइल फोन जब्त कर अब तक मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से कुल 8 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इसी मामले में शामिल आरोपी परवेज खान (निवासी रतलाम) और दीपक पारखे (निवासी इंदौर) ने अपनी रिहाई के लिए जबलपुर हाईकोर्ट की शरण ली थी, जहां से उन्हें बड़ा झटका लगा है। मामले में गिरोह के अन्य सदस्यों को लेकर एसटीएसएफ की विवेचना अभी जारी है। प्रकाश/22 मई 2026