:: सक्षम स्वीकृति के बिना संपत्तिकर खाते में किया था संशोधन; विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने पर आयुक्त की बड़ी कार्रवाई :: इंदौर (ईएमएस)। नगर निगम को भारी वित्तीय क्षति पहुंचाने और बिना किसी सक्षम स्वीकृति के संपत्तिकर खाते में हेरफेर करने के गंभीर मामले में नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने एक बड़ा और कड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। आयुक्त ने आदेश जारी करते हुए अरविन्द नायक, मूलपद-सहायक राजस्व निरीक्षक (तत्कालीन प्रभारी सहायक राजस्व अधिकारी, राजस्व मुख्यालय) को तत्काल प्रभाव से निगम सेवा से पदच्युत (बर्खास्त) कर दिया है। अरविंद नायक वर्तमान में मार्केट विभाग में पदस्थ थे। विभागीय जांच में उन पर लगे आरोप बेहद गंभीर और प्रमाणित पाए गए, जिसके बाद उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 10 के तहत यह दीर्घशास्ति अधिरोपित की गई है। विदित हो कि अरविंद नायक जब राजस्व मुख्यालय में पदस्थ थे, तब ग्राम बिचौली मर्दाना स्थित संपत्तिकर खाता क्रमांक 1001346534 में अवैध संशोधन करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। अपर आयुक्त (राजस्व) के स्तर से की गई जांच की प्रतिवेदन के अनुसार, यह खाता अग्रवाल पब्लिक स्कूल (लर्न बाय अग्रवाल चैरिटेबल ट्रस्ट) का है, जो निगम रिकॉर्ड में जोन क्रमांक 19 और वार्ड क्रमांक 76 में वर्ष 2014-15 से दर्ज है। ई-नगर पालिका पोर्टल पर 23 अगस्त 2025 की स्थिति में इस संपत्ति का कुल क्षेत्रफल 5,77,006 वर्गफीट दर्ज था, जिसकी कुल टैक्स मांग 3,19,79,612 रुपये बनती थी। जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि आरोपी अधिकारी नायक ने अपनी शासकीय यूजर आईडी का दुरुपयोग करते हुए बिना किसी सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के पोर्टल पर इस संपत्ति के क्षेत्रफल को सीधे घटाकर 3,15,525 वर्गफीट कर दिया। इस अवैध संशोधन के जरिए कुल संचयी मांग को भी कम करके 1,82,88,053 रुपये दर्ज कर दिया गया। सीधे तौर पर निगम के राजस्व को करोड़ों रुपये का चूना लगाने और वित्तीय क्षति पहुंचाने के इस कृत्य के लिए नायक को पहले निलंबित किया गया था। अब विभागीय जांच में सभी आरोप पूरी तरह सिद्ध होने पर आयुक्त ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है। प्रकाश/22 मई 2026