:: जनआक्रोश के आगे झुका प्रशासन; अब 80 के बजाय 60 फीट ही चौड़ा होगा मार्ग, खंभा गिरने से एक जख्मी :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के सुव्यवस्थित विकास और यातायात को गति देने के संकल्प के साथ नगर निगम के रिमूवल अमले ने शुक्रवार तड़के छावनी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। मधु मिलन चौराहा से छावनी तक मास्टर प्लान के मार्ग में बाधक बन रहे 124 अवैध निर्माणों और मकानों के हिस्सों को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहा दिया गया। हालांकि, इस दौरान प्रशासनिक हठधर्मिता और जनआक्रोश के बीच तीखी खींचतान भी देखने को मिली। अंततः, जनता के भारी विरोध और तीखे गतिरोध के आगे झुकते हुए प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े और मार्ग की चौड़ाई 80 फीट के स्थान पर 60 फीट रखने पर सर्वस्थिति से सहमति बनी। :: 7 पोकलेन और 10 जेसीबी लेकर तड़के कूच कर गया 300 का अमला :: शुक्रवार सुबह जब शहर पूरी तरह जागा भी नहीं था, तभी नगर निगम का रिमूवल अमला 7 पोकलेन और 10 जेसीबी मशीनों के दलबल के साथ छावनी इलाके में दाखिल हो गया। किसी भी संभावित विरोध से निपटने के लिए मौके पर निगम, पुलिस और प्रशासन के करीब 300 अधिकारी-कर्मचारी तैनात थे। अधिकारियों के निर्देश मिलते ही मशीनों ने बाधाओं को ढहाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सालों पुराने निर्माण मलबे के ढेर में तब्दील हो गए। मलबे को तत्काल हटाने के लिए निगम ने 15 डंपर भी तैनात किए थे। :: कार्रवाई के बीच अचानक गिरा बिजली का खंभा, चपेट में आने से एक रहवासी घायल :: निगम की इस कार्रवाई के दौरान एक बड़ा हादसा भी सामने आया। मशीनों की तोड़फोड़ की चपेट में आने से बिजली का एक खंभा अचानक भरभराकर सीधे सड़क पर गिर गया। इसकी जद में आने से एक स्थानीय नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए घायल को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल रवाना किया। इस दौरान निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल ने भी दो बार मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सुचारू व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। :: तीखे जनप्रतिरोध के आगे प्रशासन को बदलनी पड़ी रणनीति :: इस पूरी मुहिम के दौरान स्थानीय रहवासियों का आक्रोश चरम पर था। लोगों का तर्क था कि 80 फीट चौड़ीकरण से उनके आशियाने और व्यापार पूरी तरह उजाड़ हो जाएंगे। जनता के इस तीखे गतिरोध और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार निगम प्रशासन को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर होना पड़ा। विकास और जनभावनाओं के बीच समन्वय स्थापित करते हुए फिलहाल सड़क को 60 फीट तक ही सीमित रखने का निर्णय लिया गया, जिससे प्रभावितों ने राहत की सांस ली। :: नोटिस दिए थे, स्वतः नहीं हटे तो उठाना पड़ा कदम : महापौर कार्रवाई को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दोटूक कहा कि शहर का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होने बताया कि प्रभावित पक्षों को कानून के दायरे में पर्याप्त समय और पूर्व सूचना (नोटिस) दी गई थी। जब उनकी ओर से स्वतः अतिक्रमण नहीं हटाए गए, तब निगम को यह सख्त कदम उठाना पड़ा। मास्टर प्लान को समयसीमा में पूरा करना शहर के भविष्य के लिए अनिवार्य है। :: जिंसी के बाद अब छावनी; शहर में अभियान सतत जारी :: शहर में मास्टर प्लान की राह निष्कंटक करने का यह अभियान लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इससे पूर्व गुरुवार को भी निगम ने लक्ष्मीबाई प्रतिमा से जिंसी चौराहे के बीच बड़ी कार्रवाई की थी, जहाँ 16 मकानों के बाधक हिस्सों को ध्वस्त किया गया था। निगम सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में शहर के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई देखने को मिल सकती है, ताकि यातायात को सुगम बनाया जा सके। प्रकाश/22 मई 2026