शांति कब आएगी इसका पता नहीं तेहरान (ईएमएस)।मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर शुक्रवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे। उनकी यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच किसी समझौते की कोशिशों में तेजी लाना है। पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, फील्ड मार्शल मुनीर की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लगातार चल रही मध्यस्थता की कोशिशों का ही एक हिस्सा है। तेहरान के हवाई अड्डे पर ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी वहां मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार, एक महीने से कुछ ही ज्यादा समय के भीतर आसिम मुनीर की तेहरान की यह दूसरी यात्रा है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी द्वारा ईरान के शीर्ष नेतृत्व के साथ की गई बातचीत में कुछ प्रगति होने की खबरें आई हैं। नकवी बुधवार से ही ईरान में डेरा डाले हुए हैं और उन्होंने वहां के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ दो बार लंबी चर्चा की है। फील्ड मार्शल मुनीर अपनी इस यात्रा के दौरान ईरान के महत्वपूर्ण गणमान्य व्यक्तियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान ईरान-अमेरिका के बीच चल रही बातचीत, क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और आपसी हित के अन्य रणनीतिक मामलों पर गहन चर्चा की जाएगी। इस उच्च स्तरीय दौरे को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी पहले ही संकेत दे दिए थे कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल तेहरान की यात्रा करेगा, जबकि नकवी वहां राजनीतिक नेतृत्व के साथ बैठकें कर रहे थे। गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच हफ्तों तक चले भीषण टकराव के बाद, पाकिस्तान ने ही मध्यस्थता कर 8 अप्रैल को प्रभावी हुए युद्धविराम को लागू करवाया था। इसके बाद 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में वर्षों बाद पहली बार अमेरिका और ईरान के बीच प्रत्यक्ष वार्ता आयोजित की गई थी, हालांकि यह चर्चा किसी बड़ी सफलता के बिना समाप्त हो गई थी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस्लामाबाद में होने वाले दूसरे दौर की वार्ता की योजनाओं को रद्द कर दिया था, लेकिन पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष अनुरोध पर युद्धविराम को अनिश्चित काल के लिए आगे बढ़ाने पर सहमति दे दी थी। तभी से पाकिस्तान इस रुकी हुई बातचीत को फिर से जीवित करने के प्रयास में जुटा है और अपनी शटल डिप्लोमेसी यानी अप्रत्यक्ष मध्यस्थता वार्ताओं को लगातार तेज कर रहा है ताकि इस युद्ध का कोई स्थाई हल निकाला जा सके। वीरेंद्र/ईएमएस/23मई 2026