आरोपियों ने जानबूझकर संसद की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की साजिश रची नई दिल्ली,(ईएमएस)। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिसंबर 2023 के संसद सुरक्षा चूक मामले में बड़ी कार्रवाई कर अदालत में 13 हजार पन्नों की चौथी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर दी है। यह चार्जशीट गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत दाखिल की गई है, जो मामले की गंभीरता को रेखांकित करती है। इस विस्तृत चार्जशीट में आरोपियों पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें आतंकी गतिविधियों में शामिल होना, दंगा भड़काने की साजिश रचना और देश की सुरक्षा को खतरे में डालना प्रमुख हैं। पुलिस ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने जानबूझकर संसद की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की साजिश रची थी, जिसका उद्देश्य देशभर में भय और अशांति का माहौल बनाना था। स्पेशल सेल ने अपनी जांच के दौरान जुटाए गए ठोस सबूतों, डिजिटल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स, सोशल मीडिया चैट और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट तैयार की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ यूएपीए की कई गंभीर धाराएं भी लगी हैं, जिसमें सरकारी कामकाज में बाधा डालना, ड्यूटी पर तैनात लोकसेवकों को रोकना, दंगा भड़काने के लिए उकसाना, सबूत मिटाना और आपराधिक साजिश रचना जैसे अपराध शामिल हैं। दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि संसद जैसी संवेदनशील जगह पर हुई यह घटना महज एक प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक संगठित साजिश और व्यापक तैयारी के प्रमाण मिले हैं। जांच एजेंसियां अब इस मामले से जुड़े संभावित अन्य नेटवर्क, फंडिंग के स्रोतों और किसी भी विदेशी संपर्क की गहन जांच कर रही हैं। गौरतलब है कि दिसंबर 2023 में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान, कुछ युवकों ने विजिटर्स गैलरी से लोकसभा सदन के अंदर कूदकर स्मोक कैनिस्टर छोड़े थे, जिससे देश भर में संसद की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए थे। इस घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। आशीष दुबे / 23 मई 2026