राष्ट्रीय
23-May-2026
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रणनीतिक साझेदारी पर एक घंटे का मंथन नई दिल्ली,(ईएमएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने भारत दौरे के दौरान नई दिल्ली पहुंचे और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस अहम बैठक में रुबियो ने प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का औपचारिक निमंत्रण दिया। करीब एक घंटे तक चली उच्चस्तरीय वार्ता में दोनों देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग सहित कई रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। ट्रंप सरकार में विदेश मंत्री बनने के बाद रुबियो का यह पहला भारत दौरा है। फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात के बाद यह पहली उच्चस्तरीय बैठक हुई है। यह दौरा उस महत्वपूर्ण समय में हो रहा है, जब क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी प्रस्तावित है, जिससे इसके राजनीतिक और रणनीतिक मायने बढ़ जाते हैं। अपने दौरे की शुरुआत कोलकत्ता से करने के बाद, अमेरिकी विदेश मंत्री जयपुर और आगरा का दौरा करने वाले है। इस दौरे को अमेरिका की ओर से भारत के साथ संबंधों को नई दिशा देने और द्विपक्षीय जुड़ाव को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय बैठक के बाद, रुबियो जयपुर और आगरा के लिए रवाना हो जाएंगे। जहां वे विभिन्न संस्थानों और प्रतिनिधियों से मुलाकात करने वाले है। इसके उपरांत, वे 26 तारीख को होने वाली क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने वाले है। जहां कई वैश्विक और क्षेत्रीय चुनौतियों पर चर्चा होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ मुलाकात पर प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी प्रतिक्रिया देकर लिखा, भारत और अमेरिका दुनिया की भलाई के लिए आगे भी मिलकर काम करते रहने वाले है। यह बयान दोनों देशों के बीच मजबूत और सहयोगी संबंधों को रेखांकित करता है। बैठक में भारत-अमेरिका संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने पर विस्तार से विमर्श हुआ। एक घंटे चली चर्चा में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, व्यापारिक साझेदारी को नई गति देने और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। इस अहम बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल भी मौजूद थे, जबकि अमेरिका की ओर से विदेश मंत्री रुबियो के साथ भारत में अमेरिकी राजदूत ने भी हिस्सा लिया। रविवार को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता का एक और दौर प्रस्तावित है, जिसमें आगे की रणनीतियों पर मंथन होगा। आशीष दुबे / 23 मई 2026