नई दिल्ली,(ईएमएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19वें रोजगार मेला के तहत देश के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका पर प्रकाश डालकर कहा कि पूरी दुनिया आज भारत के युवाओं की क्षमता, उसकी तीव्र गति से बढ़ती अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि भारत अब एक भरोसेमंद ग्लोबल सप्लाई चेन पार्टनर के रूप में उभर रहा है, जिसका सीधा और सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिलने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हालिया पांच देशों के दौरे का जिक्र कर बताया कि उनकी यात्रा के दौरान वैश्विक नेताओं और बड़ी कंपनियों के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें हर जगह भारत के विकास और भारतीय युवाओं की क्षमता को लेकर असीम आशावाद महसूस हुआ। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहती है। इस भावना के साथ भारत विभिन्न देशों के साथ रणनीतिक साझेदारियां कर रहा है ताकि देश के युवाओं को रोजगार के नए मौके, वैश्विक अनुभव और उन्नत तकनीकी एक्सपोजर मिल सके। प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर, जल प्रबंधन और कृषि जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण चर्चाओं का उल्लेख किया। स्वीडन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल इनोवेशन पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है, जबकि नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और समुद्री क्षेत्र में भागीदारी को आगे बढ़ाया गया। यूएई के साथ रणनीतिक ऊर्जा और प्रौद्योगिकी साझेदारी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं, वहीं इटली के साथ रक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स, विज्ञान और प्रौद्योगिकी जैसे अहम क्षेत्रों में साझेदारी पर सहमति बनी है। प्रधानमंत्री मोदी ने आश्वस्त किया कि इन सभी अंतरराष्ट्रीय समझौतों और साझेदारियों का सीधा लाभ भारत के युवाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हर नया निवेश, प्रत्येक तकनीकी साझेदारी और औद्योगिक सहयोग युवाओं के लिए अनगिनत रोजगार और प्रगति के मौके लेकर आता है। उन्होंने नीदरलैंड की सेमीकंडक्टर कंपनी एएसएमएल और भारत की टाटा कंपनी के बीच हुए समझौते का विशेष रूप से जिक्र किया, जिससे भारत में अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई पहचान बनेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होने है। इसी तरह, स्वीडन और यूएई के साथ एआई व सुपरपावर कंप्यूटिंग में सहयोग भारत की तकनीकी क्षमता को और मजबूत करेगा, जिससे युवाओं के लिए नए रास्ते खुलने वाले है। उन्होंने बताया कि क्लीन एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स,ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे भविष्य के सेक्टर्स तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इन क्षेत्रों में बढ़ती वैश्विक साझेदारियां भारत के लिए नई अर्थव्यवस्था और मौके के द्वार खोल रही हैं। स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ ग्रीन ट्रांजिशन और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी में सहयोग भारत को भविष्य की स्वच्छ विनिर्माण उद्योग में एक लाख नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। आशीष दुबे / 23 मई 2026