भागलपुर, (ईएमएस)। भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु पर लंबे समय से चल रही परेशानी के बीच अब लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से पर बनाया जा रहा पहला बेली ब्रिज लगभग तैयार हो चुका है और शनिवार तक इसका निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद तकनीकी परीक्षण कर पुल पर आवाजाही बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले कई दिनों से पुल पर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य जारी था। निर्माण एजेंसियों की टीमें दिन-रात मौके पर डटी रहीं। शुक्रवार देर रात तक मजदूरों और इंजीनियरों ने रैंप निर्माण, स्टील प्लेट फिटिंग और जोड़ने का काम तेजी से पूरा किया। अब अंतिम चरण में तकनीकी जांच और संरचनात्मक परीक्षण किए जाएंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बेली ब्रिज पूरी तरह सुरक्षित है और वाहनों का भार आसानी से झेल सके। अधिकारियों के अनुसार, पहले बेली ब्रिज के तैयार होने के बाद यातायात बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना तकनीकी मंजूरी के किसी भी वाहन को पुल पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेषज्ञों की अंतिम रिपोर्ट और सुरक्षा परीक्षण के बाद ही आम लोगों के लिए पुल खोला जाएगा। इधर, नवगछिया की ओर स्थित पी-4 पिलर के पास दूसरे बेली ब्रिज के निर्माण की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। रविवार से दूसरे बेली ब्रिज पर काम शुरू होने की संभावना है। इसके लिए जरूरी स्टील स्ट्रक्चर, मशीनें और अन्य निर्माण सामग्री पहले ही साइट पर पहुंच चुकी हैं। अधिकारियों का मानना है कि दोनों बेली ब्रिज तैयार होने के बाद पुल पर यातायात काफी हद तक सामान्य हो जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में आईआईटी पटना की विशेषज्ञ टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से पुल की मजबूती, कंपन, दरारों और भार क्षमता की लगातार जांच कर रही है। खासकर नवगछिया की ओर के हिस्से पर विशेष नजर रखी जा रही है, क्योंकि वहीं सबसे अधिक क्षति दर्ज की गई थी। तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि पुल की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थायी मरम्मत और भविष्य की यातायात व्यवस्था पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षित तरीके से जल्द से जल्द आवाजाही शुरू कराना है। विक्रमशिला सेतु पर लंबे समय से यातायात प्रभावित रहने का असर आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियों पर साफ दिखाई दे रहा है। भागलपुर, नवगछिया और आसपास के जिलों के हजारों लोगों को रोजाना लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है। व्यापारियों को सामान ढुलाई में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है, जबकि यात्रियों को घंटों जाम और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब पहले बेली ब्रिज के लगभग तैयार होने से स्थानीय लोगों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं। लोगों का मानना है कि अगर जल्द आवाजाही शुरू हो जाती है तो व्यापार, परिवहन और दैनिक जीवन काफी हद तक सामान्य हो जाएगा। प्रशासन लगातार निर्माण कार्य की निगरानी कर रहा है और आने वाले कुछ दिनों में तकनीकी परीक्षण पूरा होने के बाद विक्रमशिला सेतु पर राहत की तस्वीर साफ हो सकती है। - २३ मई/२०२६/ईएमएस