राष्ट्रीय
23-May-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत और तिब्बत के बीच पारंपरिक व्यापार के लिए उत्तराखंड स्थित लिपुलेख दर्रा छह साल बाद फिर से खोला जा रहा है। कोरोना महामारी और सीमा संबंधी कारणों से बंद पड़ा यह मार्ग अब दोबारा शुरू होने जा रहा है, जिससे सीमावर्ती व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। लिपुलेख दर्रा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है और भारत-तिब्बत व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है। यह मार्ग कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भी महत्वपूर्ण है। अधिकारियों के अनुसार व्यापारियों के पंजीकरण और आवश्यक तैयारियों की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीमावर्ती गांवों के लोगों ने इस फैसले का स्वागत किया है। दर्रे के खुलने से स्थानीय व्यापारी फिर से ऊनी कपड़े, जड़ी-बूटियां, मसाले और पारंपरिक सामानों का व्यापार कर सकेंगे। लंबे समय से बंद रहने के कारण सीमावर्ती इलाकों की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यापार शुरू होने से रोजगार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव के बावजूद इस व्यापार मार्ग को फिर से खोलने को अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो सके। सुबोध/२३ -०५-२०२६