नई दिल्ली (ईएमएस)। देश में होने वाले राज्यसभा चुनावों ने संसद की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर दिए हैं। खास तौर पर दक्षिण भारत में अभिनेता और नेता विजय की पार्टी तमिऴगा वेत्री कड़गम यानी टीवीके की संसद में एंट्री लगभग तय मानी जा रही है। इस घटनाक्रम को तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। राज्यसभा चुनावों के लिए विभिन्न दलों द्वारा उम्मीदवारों के चयन और समर्थन के बाद अब यह साफ होता दिख रहा है कि टीवीके को पहली बार संसद में प्रतिनिधित्व मिल सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता और हालिया राजनीतिक सक्रियता ने पार्टी को तेजी से मजबूत किया है। तमिलनाडु में टीवीके के बढ़ते प्रभाव को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कषगम और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम दोनों सतर्क नजर आ रहे हैं। विजय ने हाल के महीनों में युवाओं, रोजगार, भ्रष्टाचार और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर लगातार सरकारों पर निशाना साधा है। इससे पार्टी को युवा मतदाताओं के बीच समर्थन मिलता दिख रहा है। राज्यसभा चुनावों के जरिए संसद में नई पार्टियों और क्षेत्रीय दलों की मौजूदगी बढ़ने से केंद्र की राजनीति पर भी असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले लोकसभा चुनावों से पहले यह बदलाव कई राष्ट्रीय दलों की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। सुबोध/२३ -०५-२०२६