राज्य
25-May-2026
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* 1200 बीघा बंजर जमीन पर आठ महीने में लहलहाए 10 लाख पेड़, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया था लोकार्पण मोरबी (ईएमएस)| बमुश्किल आठ महीने पहले तक मोरबी, जो भारत का सिरेमिक हब है, के बाहरी इलाके में मच्छू डैम-2 के किनारे श्री मोरबी पांजरापोल ट्रस्ट के स्वामित्व वाली 1200 बीघा की विशाल बंजर जमीन उपेक्षित हालत में थी। आज वही जमीन राज्य के श्रम, कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री कांतिलाल अमृतिया के अथक प्रयासों से ‘नमो वन’ में बदल गई है। गत वर्ष सितंबर में लगाए गए दस लाख से अधिक पौधों के कारण आज इस बंजर जमीन ने हरियाली की चुनर ओढ़ ली है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गत वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर इस वन कवच (नमो वन) का लोकार्पण किया था। आठ महीने पहले जो इलाका वीरान और बंजर था, आज वहां हरियाली लहलहा रही है। कांतिलाल अमृतिया, जिन्हें लोग प्यार से ‘काना भाई’ कहकर बुलाते हैं, सौराष्ट्र की सबसे बड़ी मानी जाने वाली श्री मोरबी पांजरापोल ट्रस्ट के ट्रस्टी हैं। इस ट्रस्ट के पास 4500 बीघा जमीन है। पर्यावरण को बचाने और समाज के लिए एक अनुकरणीय कार्य करने की सोच के साथ कांतिलाल अमृतिया ने इस बंजर भूमि की तस्वीर बदलने का भगीरथ कार्य शुरू किया और गुजरात का सबसे बड़ा ‘वन कवच’ (नमो वन) बनाने का दृढ़ निश्चय किया। उन्होंने मच्छू डैम-2 के किनारे स्थित ट्रस्ट की 1200 बीघा जमीन पर दस लाख पेड़ लगाने का बड़ा अभियान शुरू किया। इससे पहले, उन्होंने मच्छू डैम के किनारे आठ चेकडैम बनाए हैं और जल संचय करने का उत्कृष्ट कार्य किया है। 500 लोगों ने रोज 25 से 30 हजार पौधे लगाए अभियान के शुरुआती दौर की यादों को ताजा करते हुए श्री कांतिलाल अमृतिया ने बताया, “जब हमने एक महीने में दस लाख पौधे लगाने का निर्णय किया, तब पौधरोपण के क्षेत्र में बड़ा काम करने वाली संस्था सद्भावना वृद्धाश्रम की मदद से एक विस्तृत योजना बनाई।” अमृतिया ने आगे कहा, “हमने अपने इस यज्ञ में सद्भावना वृद्धाश्रम को शामिल किया। चूंकि जमीन अनुपजाऊ और बंजर थी, इसलिए सबसे पहले उसे समतल किया। मिट्टी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए बाहर से हजारों टन उर्वर मिट्टी लाकर यहां लाकर डाली, साथ ही बड़ी मात्रा में गोबर खाद डालकर जमीन को उपजाऊ बनाया। 1200 बीघा जमीन के चारों ओर बाड़ लगाई। इसके बाद पौधरोपण के लिए एक साथ 500 लोगों ने साथ मिलकर रोजाना लगभग 25 से 30 हजार पौधे लगाने का भगीरथ कार्य शुरू किया। केवल 37 दिनों के अथक प्रयासों के बाद हम 10 लाख पौधे लगाने में सफल रहे।” 17 सितंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर मोरबी में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया ‘नमो वन’ का लोकार्पण किया कांतिलाल अमृतिया ने कहा कि दस लाख पौधों को नियमित रूप से खाद-पानी देने की व्यवस्था की गई है। इसका प्रबंधन सद्भावना वृद्धाश्रम करता है। आज, आठ महीने के बाद ये दस लाख पौधे अब पेड़ों में बदल गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आइकॉनिक रोड बनाने के लिए तीन करोड़ रुपए की विशेष ग्रांट आवंटित की कांतिलाल अमृतिया ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने भी हमारे इस काम में व्यक्तिगत तौर पर दिलचस्पी दिखाई है। हाल में हुए स्थानीय निकाय के चुनावों से पहले उन्होंने दूसरी बार ‘नमो वन’ का दौरा किया। उन्होंने यहां एक आइकॉनिक रोड बनाने के लिए 3 करोड़ रुपए की विशेष ग्रांट आवंटित की है, ताकि लोग इस वन कवच तक पहुंच सकें और इसका आनंद उठा सकें।” कांतिलाल ने कैंसर को हराया, अब शेष जीवन प्रकृति को समर्पित 64 वर्षीय श्री कांतिलाल अमृतिया ने हाल ही में कैंसर का पता चलने पर सर्जरी करवाई है। एक आम इनसान कैंसर का नाम सुनते ही हिम्मत हार जाता है, लेकिन कांतिलाल उनमें से नहीं हैं। पांच कीमोथेरेपी पूरी करने के बाद अभी वे इम्यूनोथेरेपी ले रहे हैं। इस मुश्किल हालात में भी उनका जनसंपर्क जारी है। उन्होंने कहा कि इस कैंसर से बचाकर प्रकृति ने उन्हें दूसरा जीवन दिया है और वे इस दूसरी जिंदगी प्रकृति को ही समर्पित करना चाहते हैं। छह बार विधायक चुने गए कांतिलाल अमृतिया ने शेष जीवन का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा, “कैंसर की सर्जरी के बाद मुझे ऐसा लगता है कि प्रकृति ने मुझे दूसरी जिंदगी दी है। अब मैं अपना जीवन प्राकृतिक कृषि और वृक्षारोपण को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित करना चाहता हूं। हमने सरकार को पत्र लिखकर मच्छू डैम के किनारे स्थित सरकारी जमीन आवंटित करने की मांग की है, ताकि वहां भी इस प्रकार का विशाल वृक्षारोपण अभियान चलाया जा सके।” सतीश/25 मई