- पेट्रोल की महंगाई और इंसेंटिव में कटौती से नाराजगी - गिग वर्कर्स ने मानसिक प्रताड़ना का लगाया आरोप धनबाद (ईएमएस)। कोयलांचल धनबाद में क्विक कॉमर्स डिलीवरी ऐप से जुड़े 100 से अधिक गिग वर्कर्स और स्टाफ ने कंपनी की शोषणकारी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए काम ठप कर दिया है। भीषण गर्मी और कड़कड़ाती धूप के बीच प्रदर्शन कर रहे इन युवाओं का आरोप है कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के बावजूद कंपनी उनके इंसेंटिव में लगातार कटौती कर रही है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। पीड़ित स्टाफ राजा हसन ने बताया कि पहले 12 से 14 घंटे काम करके वे 1100 से 1200 रुपये तक कमा लेते थे, लेकिन अब 14 से 16 घंटे की कड़ी मेहनत और 605 रुपये के ऑर्डर पूरे करने के बाद भी कंपनी इंसेंटिव के नाम पर मात्र 145 रुपये दे रही है। कमाई का अधिकांश हिस्सा पेट्रोल और वाहन के रखरखाव में ही खर्च हो जा रहा है, जिससे उन्हें जेब से नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय मैनेजरों, विवेक कुमार और अभिषेक कुमार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जायज मांगों के लिए आवाज उठाने पर उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है और कई वर्कर्स की आईडी भी ब्लॉक कर दी गई है। वर्कर्स ने मांग की है कि इंसेंटिव स्ट्रक्चर में तत्काल सुधार किया जाए और 16 घंटे की मेहनत के बदले कम से कम 800 से 1000 रुपये की दैनिक आय सुनिश्चित की जाए। गिग वर्कर्स ने चेतावनी दी है कि यदि मैनेजमेंट ने अपनी हठधर्मिता और शोषणकारी रवैया बंद नहीं किया, तो वे शहर में कंपनी की सेवाएं पूरी तरह अनिश्चितकाल के लिए ठप कर देंगे। फिलहाल, इस मामले पर कंपनी के स्थानीय प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। रामयश/ईएमएस 25 मई 2026