राष्ट्रीय
25-May-2026


* महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर प्रदर्शन गांधीनगर (ईएमएस)| नई दिल्ली स्थित नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा हाल ही में प्रकाशित “क्राइम इन इंडिया-2024” रिपोर्ट के अनुसार गुजरात राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति देश के कई राज्यों की तुलना में अधिक मजबूत और सुरक्षित पाई गई है। रिपोर्ट में जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में पूरे देश का औसत क्राइम रेट 252.3 रहा, जबकि गुजरात का क्राइम रेट केवल 227.7 दर्ज किया गया। देश के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में गुजरात 12वें स्थान पर रहा है। * दारूबंदी कानून के कारण बढ़ती दिखती है केसों की संख्या गुजरात में लागू पूर्ण दारूबंदी कानून के तहत पुलिस द्वारा शराब बनाने, बेचने, परिवहन करने और सेवन करने जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है। पुलिस स्वतः संज्ञान लेकर हर वर्ष बड़ी संख्या में मामले दर्ज करती है। NCRB की रिपोर्ट में इन मामलों को भी “स्पेशल एंड लोकल लॉज़” के तहत कुल अपराधों में शामिल किया जाता है। यही कारण है कि राज्य में अपराध दर्ज होने की संख्या अपेक्षाकृत अधिक दिखाई देती है। हालांकि यदि दारूबंदी से जुड़े मामलों को अलग कर दिया जाए, तो पारंपरिक आईपीसी/बीएनएस अपराधों का वास्तविक क्राइम रेट राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे आता है। यह स्थिति गुजरात पुलिस की सक्रियता और अपराध नियंत्रण की सख्त नीति को दर्शाती है। * महिलाओं की सुरक्षा में गुजरात अग्रणी महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में गुजरात देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में शामिल है। जहां राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं के खिलाफ अपराधों का औसत दर 64.6 है, वहीं गुजरात में यह आंकड़ा केवल 22.0 दर्ज किया गया है। इस श्रेणी में गुजरात देशभर में 33वें स्थान पर है, जो अत्यंत कम अपराध दर को दर्शाता है। * बच्चों के खिलाफ अपराध भी राष्ट्रीय औसत से कम बच्चों के खिलाफ अपराधों में राष्ट्रीय औसत 42.3 की तुलना में गुजरात का क्राइम रेट 25.8 रहा है। इस श्रेणी में गुजरात 29वें स्थान पर है। * हिंसात्मक अपराधों में भी गुजरात की स्थिति बेहतर हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार, अपहरण, लूट और डकैती जैसे गंभीर हिंसात्मक अपराधों में राष्ट्रीय औसत 52.9 रहा, जबकि गुजरात में यह दर केवल 16.5 दर्ज की गई। इस श्रेणी में गुजरात 31वें स्थान पर है। * शरीर और संपत्ति के खिलाफ अपराधों में भी कम दर मानव शरीर को प्रभावित करने वाले अपराधों का राष्ट्रीय औसत 62.1 है, जबकि गुजरात में यह केवल 24.7 दर्ज किया गया। इस श्रेणी में राज्य 31वें स्थान पर है। इसी प्रकार चोरी, सेंधमारी, लूट और डकैती जैसे संपत्ति संबंधी अपराधों का राष्ट्रीय औसत 57.9 है, जबकि गुजरात में यह दर केवल 30.4 रही। इस श्रेणी में गुजरात 23वें स्थान पर है। * गंभीर अपराधों में गुजरात राष्ट्रीय औसत से काफी नीचे हत्या के मामले वर्ष 2024 में देशभर में हत्या का औसत क्राइम रेट 1.9 रहा, जबकि गुजरात में यह केवल 1.3 दर्ज किया गया। इस श्रेणी में गुजरात 29वें स्थान पर है। बलात्कार के मामले देश में बलात्कार का औसत अपराध दर 4.3 रहा, जबकि गुजरात में यह दर मात्र 1.9 दर्ज हुई। गुजरात इस श्रेणी में 29वें स्थान पर है। अपहरण और किडनैपिंग अपहरण और अपहरण से संबंधित अपराधों का राष्ट्रीय औसत 6.8 रहा, जबकि गुजरात में यह दर केवल 1.7 दर्ज की गई। इस श्रेणी में गुजरात 26वें स्थान पर रहा। सेंधमारी के मामले घरफोड़ और सेंधमारी के मामलों में देश का औसत क्राइम रेट 7.7 रहा, जबकि गुजरात में यह केवल 4.1 दर्ज किया गया। इस श्रेणी में गुजरात 27वें स्थान पर है। पुलिस की सक्रियता और कानून व्यवस्था पर मुहर एनसीआरबी के इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि गुजरात में गंभीर अपराधों की दर राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी कम है। विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य में पुलिस की सक्रियता, कड़ी कानून व्यवस्था और अपराध रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों का सकारात्मक प्रभाव इन आंकड़ों में दिखाई देता है। सतीश/25 मई