नई दिल्ली (ईएमएस)। भीषण गर्मी के कारण यमुना का जलस्तर छह फीट गिरने से दिल्ली में जल संकट गहरा गया है। वजीराबाद, चंद्रावल और हैदरपुर प्लांटों से पानी की आपूर्ति 10 से 25 फीसदी कम हो गई है, जिससे दिल्ली में रोजाना 70-75 एमजीडी पानी कम मिल रहा है। राजधानी दिल्ली में हर बार की तरह इस बार भी गर्मी का पारा चढ़ते ही पानी की किल्लत ने विकराल रूप ले लिया है। भीषण गर्मी के चलते यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक कम हो गया है। इस वजह से दिल्ली जल बोर्ड के वजीराबाद, चंद्रावल और हैदरपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) से पानी की आपूर्ति 10 से 25 प्रतिशत तक घट गई है। दिल्ली जल बोर्ड सामान्य दिनों के मुकाबले रोजाना करीब 70 से 75 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रतिदिन) कम पानी की आपूर्ति कर पा रहा है, जिससे कई इलाकों में हाहाकार मचा हुआ है। जल बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, वजीराबाद जलाशय में सामान्य जलस्तर 674.50 फीट होना चाहिए, लेकिन यमुना में पानी कम होने से यह करीब छह फीट नीचे गिरकर 668.5 फीट रह गया है। पानी की इस कमी के कारण 138 एमजीडी क्षमता वाले वजीराबाद प्लांट से 15 प्रतिशत, 100 एमजीडी क्षमता वाले चंद्रावल प्लांट से 10 प्रतिशत और 242 एमजीडी क्षमता वाले हैदरपुर प्लांट से करीब 15 प्रतिशत पानी की आपूर्ति कम हो पा रही है। दिल्ली ने इस संकट से उबरने के लिए हरियाणा सरकार से मुनक नहर और यमुना नदी में अतिरिक्त पानी छोड़ने की मांग की है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/25/ मई/2026