- कलेक्टर को मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन इन्दौर (ईएमएस) विगत दिनों रीवा में हुई एक दुखद सड़क दुर्घटना में आर्यिका श्रुतमति माताजी व आर्यिका उपशम माताजी की मौत हो गई थी। दोनों ही माताजी आचार्य विद्यासागर महाराज से दीक्षित थी। उक्त दुर्घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर समग्र जैन समाज इन्दौर ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन कर कलेक्टर को मुख्यमंत्री व गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जैन समाज ने ज्ञापन में विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा के लिए संत सुरक्षा प्रोटोकाल लागू करने, भारत सरकार से राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, संतों के विरूद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखने, स्थानीय स्तर पर संत सुरक्षा समन्वय सेल गठित करने, घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच करने, मामले की एसआइटी अथवा न्यायिक जांच कराने, घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित करने और दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। जैन समाज के लोगों का कहना है कि संत सुरक्षा केवल एक समाज का विषय नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत की सुरक्षा का प्रश्न है। कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन के पूर्व समाजजनों ने राजबाड़ा से लेकर कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाला। आर्यिका श्रुतमति माताजी व आर्यिका उपशम माताजी की दुखद सड़क दुर्घटना में मौत को लेकर समग्र जैन समाजजन आज सुबह 7 बजे से राजबाड़ा पर इकट्ठा हुए और फिर राजबाड़ा से कलेक्ट्रेट तक मौन जुलूस निकाला। जुलूस में बड़ी संख्या में जैन समाज के साधु-संत और महिला पुरुष शामिल हुए। जुलूस राजबाड़ा से प्रिंस यशवंत रोड, मच्छी बाजार चौराहा, पंढरीनाथ और मोती तबेला होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। जुलूस के दौरान उक्त घटना को हत्या मानते जैन समाज के लोगों में भारी रोष था। जुलूस में दिगंबर जैन समाज सामाजिक संस्कृत के अध्यक्ष विनय बाकलीवाल, प्रताप सिंह, आनंद गोधा, भरत मोदी, मनीष अजमेरा, कैलाश वेद, नवीन गोधा, हेमंत जैन, संजय जैन, नकुल पाटोदी, अशोक बड़जात्या, सुरेन्द्र जैन, अनामिका बाकलीवाल, ऋषभपाटनी, सचिन जैन, छाया जैन, सतीश जैन और जैनेश झांझरी मौजूद थे। आनंद पुरोहित/ 25 मई 2026