25-May-2026
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- रिश्तों के शक में कत्ल, 500 मीटर दूर मिला असली घटनास्थल तालाब में फेंका था शव, खेत में किया था कत्ल बालाघाट (ईएमएस). जिले के लामता थाना क्षेत्र में हुए एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। तालाब में मिले शव से शुरू हुई जांच एक बूंद खून के सहारे 500 मीटर दूर असली घटनास्थल तक पहुंची, जहां से पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में सोनू पिता स्व. गोविंद मड़ावी 19 वर्ष और मिथुन पिता स्व. फूलचंद सैयाम 23 वर्ष शामिल है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि ग्राम परतापुर निवासी 45 वर्षीय सुरेंद्र पिता अम्मूलाल मड़ावी के लापता होने पर परिजनों ने 20 मई को थाना लामता में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसी दिन शाम को गांव के तालाब में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। अगले दिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से हत्या (होमीसाइडल) की पुष्टि होने पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच शुरू की। घटनास्थल पहली नजर में साफ-सुथरा मिलने से पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या कहीं और कर शव तालाब में फेंका गया है। लगातार सर्चिंग के दौरान शव मिलने के स्थान से करीब 500 मीटर दूर खेतों की ओर खून की एक बूंद दिखाई दी। एफएसएल टीम और डॉग स्क्वाड की मदद से इस सुराग को ट्रैक किया गया। आगे बढऩे पर पगडंडी पर जगह-जगह खून के निशान मिले, जो अंतत: आरोपी सोनू मड़ावी के घर के पीछे खेत की मेढ़ तक पहुंचे, जहां भारी मात्रा में खून मिला और असली घटनास्थल का खुलासा हुआ। आरोपी की मां से थे मृतक के संबंध पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक के गांव की एक महिला से संबंध थे। महिला का बेटा सोनू मड़ावी इस बात से नाराज था। कई बार समझाने के बावजूद सुरेंद्र का आना-जाना जारी रहा, जिससे आक्रोशित होकर सोनू ने अपने साथी मिथुन सैयाम के साथ हत्या की योजना बनाई। 19-20 मई की रात दोनों आरोपी खेत की मेढ़ पर घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही सुरेंद्र वहां पहुंचा, आरोपियों ने कुल्हाडिय़ों से उसके सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साक्ष्य मिटाने की कोशिश हत्या के बाद आरोपियों ने शव को घसीटकर तालाब में फेंक दिया ताकि मामला दुर्घटना या आत्महत्या लगे। रास्ते में गिरे खून पर मिट्टी डालकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया और हथियार अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए। डॉग स्क्वाड, वैज्ञानिक साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस ने सोनू मड़ावी और मिथुन सैयाम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दो कुल्हाडिय़ां, खून से सने कपड़े, मोबाइल और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए। तालाब में फेंकी गई कुल्हाड़ी को मेटल डिटेक्टर से निकाला गया। भानेश साकुरे / 25 मई 2026