बीजिंग,(ईएमएस)। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग उत्तर कोरिया के दौरे पर जाने वाले हैं, इससे पहले जून के आखिरी सप्ताह में किम जोंग उन की सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया (डब्ल्यूपीके) एक अहम बैठक करने जा रही है। मीडिया के मुताबिक वर्कर्स पार्टी की पॉलिटिकल ब्यूरो ने 9वीं सेंट्रल कमिटी की दूसरी प्लेनरी बैइक जून में आयोजित करने का फैसला लिया है। यह बैठक 2026 के पहले 6 महीनों में पार्टी और राज्य नीतियों की समीक्षा, दूसरे छमाही के कामकाज और कई अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में उत्तर कोरिया अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील, मिसाइल कार्यक्रम और आर्थिक राहत पर अपनी नई पोजीशन तय कर सकता है। ट्रंप प्रशासन के साथ पिछले कुछ समय में अप्रत्यक्ष संवाद चल रहा है। चीन इस प्रक्रिया में मध्यस्थ बनना चाहता है और दोनों देशों के बीच ब्रिज का काम करना चाहता है। नॉर्थ कोरिया के लिए ये दौरा अहम इसलिए है क्योंकि दक्षिण कोरिया के खिलाफ आक्रामक नीति में उसे किसी देश का मजबूत सहयोग चाहिए, खासतौर पर तब, जब दक्षिण कोरिया का रहनुमा अमेरिका बना है। इस बैइक का समय खासतौर पर अहम है क्योंकि दक्षिण कोरियाई मीडिया योनहैप के मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते उत्तर कोरिया का दौरा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि शी जिनपिंग, किम और ट्रंप के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश करेंगे। चीन के दौरे से ठीक पहले पार्टी की यह उच्चस्तरीय बैठक उत्तर कोरिया अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने और चीन के सामने एक मजबूत पोजीशन लेकर जाने के लिए बुला रहा है। चीन, उत्तर कोरिया को अमेरिका-दक्षिण कोरिया गठबंधन के खिलाफ बैलेंस के रूप में इस्तेमाल करता है और शी जिनपिंग के दौरे से पहले यह मीटिंग बीजिंग और प्योंगयांग के बीच रणनीतिक तालमेल बैठाने का मौका है। इसके अलावा बैठक में 2026 की दूसरी छमाही के आर्थिक लक्ष्य, खाद्य सुरक्षा और सैन्य आधुनिकीकरण पर भी फैसले हो सकते हैं। उत्तर कोरिया नियमित रूप से जून और दिसंबर में प्लेनरी मीटिंग करता है, लेकिन इस बार इसका समय बेहद संवेदनशील है। सिराज/ईएमएस 26 मई 2026