रायगढ़ (ईएमएस)। जिले में अब गंभीर आपराधिक मामलों की जांच और तेज व वैज्ञानिक तरीके से हो सकेगी। हाल ही में क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) का शुभारंभ किया गया है, जिससे रायगढ़ के साथ-साथ सारंगढ़ और सक्ती जिलों की पुलिस को भी बड़ा फायदा मिलेगा। अब तक हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और नशे से जुड़े मामलों में जब्त किए गए सैंपल जांच के लिए बिलासपुर भेजे जाते थे, जिससे रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन तक का समय लग जाता था। लेकिन अब यह जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी। नई लैब में फॉरेंसिक सैंपल, स्लाइड और विसरा की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे पुलिस को घटनाओं की वैज्ञानिक रिपोर्ट समय पर मिल सकेगी और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी। लैब में अब निम्न प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध होगी— रक्त और अन्य जैविक सैंपल की जांच,दुष्कर्म मामलों में स्लाइड और साक्ष्य परीक्षण,एनडीपीएस मामलों में मादक पदार्थों की जांच,आत्महत्या मामलों में केमिकल और विसरा परीक्षण,अल्कोहल और विषाक्त पदार्थों की जांच इस सुविधा के शुरू होने से गंभीर अपराधों की जांच अधिक सटीक और समयबद्ध हो सकेगी, जिससे पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में तेजी मिलेगी और न्यायिक प्रक्रिया भी मजबूत होगी। - (ईएमएस) 26 मई 2026