क्षेत्रीय
26-May-2026


- अधिकारी की खाली कुर्सी पर फूलों का हार पहनाकर विरोध दर्शाया अंबरनाथ, (ईएमएस)। अंबरनाथ में नगर परिषद के कामकाज को लेकर मंगलवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। भाजपा नगरसेवकों ने नगर परिषद के अधिकारियों की लगातार अनुपस्थिति और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ अनोखे अंदाज में आंदोलन किया। नाराज नगरसेवकों ने मुख्याधिकारी और शहर अभियंता की खाली कुर्सियों को हार पहनाकर प्रशासन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। दरअसल इन दिनों शहर में सड़कों के गड्ढे भरने और डामरीकरण के कई काम चल रहे हैं। लेकिन इन कामों को कौन-सा ठेकेदार कर रहा है, काम की गुणवत्ता कैसी है और इसकी मंजूरी किस स्तर पर दी गई है, इसकी जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को तक नहीं दी गई। इसी मुद्दे को लेकर भाजपा नगरसेवक किरण राठोड और मिलिंद पाटील नगर परिषद कार्यालय पहुंचे थे। जब दोनों नगरसेवक मुख्याधिकारी उमाकांत गायकवाड से मिलने पहुंचे, तो वे कार्यालय में मौजूद नहीं थे। इससे नाराज होकर नगरसेवकों ने उनकी खाली कुर्सी पर हार चढ़ाकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद वे शहर अभियंता राजेश तडवी के कार्यालय पहुंचे, लेकिन वे भी अपनी सीट पर मौजूद नहीं मिले। इससे गुस्साए नगरसेवकों ने उनकी कुर्सी को भी हार पहनाकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। भाजपा नगरसेवक मिलिंद पाटील ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने नागरिकों से सड़क, नाली और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा किया था। जनता ने भरोसा जताकर उन्हें चुना, लेकिन अब यह तक पता नहीं चल पा रहा कि उनके प्रभाग में कौन-से ठेकेदार किस काम को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों के सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्याधिकारी ऐसे व्यवहार कर रहे हैं मानो अब भी प्रशासनिक राज कायम हो। नगरसेवकों ने तंज कसते हुए कहा कि अधिकारियों ने जैसे “मिस्टर इंडिया” की घड़ी पहन रखी है, इसलिए वे नजर ही नहीं आते। अब उन्हें यह रवैया बदलकर जनता और जनप्रतिनिधियों के प्रति जवाबदेह बनना चाहिए। नगरसेवकों ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी वे नागरिकों की समस्याएं लेकर नगर पालिका पहुंचते हैं, तब अधिकारी अपनी सीटों पर मौजूद नहीं रहते। उनके अनुसार, नगर पालिका कार्यालय में “श्मशान जैसी शांति” का माहौल बना हुआ है और आम जनता के काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। भाजपा नगरसेवकों ने मांग की है कि शहर को पूर्णकालिक और जिम्मेदार मुख्याधिकारी दिया जाए। साथ ही लगातार गैरहाजिर रहने वाले और काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों का तुरंत तबादला किया जाए। संतोष झा- २६ मई/२०२६/ईएमएस