राष्ट्रीय
27-May-2026
...


-प्रस्ताव मुख्य सचिव को भेजा, मंजूरी मिलते ही योजना को मिलेगी गति नई दिल्ली,(ईएमएस)। यूपी सरकार मानसून में यमुना नदी के बढ़े हुए जल स्तर का सदुपयोग करना चाहती है, इसलिए एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार कर रही है। इसके तहत यमुना का पानी अरावली पहाड़ी तक पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्र में जल संकट को कम करना और भूजल स्तर को बढ़ाना है। सिंचाई विभाग ने इस योजना के लिए अध्ययन कर लिया है। प्रस्ताव सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पास भेजा गया है। उन्होंने सकारात्मक रुख अपनाया है। अब प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद योजना को गति मिलेगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सिंचाई विभाग की ओर से इस परियोजना पर काम किया जाएगा। ददसिया गांव के पास से नदी बहती है। यहीं से तिलपत फायरिंग रेंज होते हुए बढ़े हुए जल स्तर को पाइपों के जरिए आगे ले जाया जाएगा। यह पाइप लाइन बुढ़िया नाले के किनारे से होते हुए हाईवे को पार करेगी और अनंगपुर गांव के पास पहाड़ी तक ले जाई जाएगी। इस पाइप लाइन से प्रतिदिन 300 क्यूसेक पानी जाएगा। मानूसन के तीन महीने में नदी में खूब पानी होता है। इसलिए 90 दिन तक तय कृत्रिम तालाबों को भरा जाएगा। इन तालाबों का पानी साफ कर आसपास के सेक्टर, कालोनी, सोसायटी व गांव तक पहुंचाया जाएगा। इस परियोजना की लागत करीब 500 करोड़ आंकी गई है। यदि यह योजना परवान चढ़ती है तो आने वाले 50 साल तक गुरुग्राम को भी लाभ पहुंचेगा। इस योजना से आसपास के गांव के भूजल स्तर पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। साथ ही आसपास के इलाकों को भरपूर पेयजल भी मिलता रहेगा। भूजल स्तर के मामले में फरीदाबाद डार्क जोन में है। यमुना नदी किनारे भी 80 से 100 फुट पर जल स्तर है। पहाड़ी इलाकों में तो यह जल स्तर 600 से 700 फुट तक है। हालात चिंताजनक हैं। इसलिए सरकार भूजल स्तर बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इसके तहत नदी के पानी को अरावली तक ले जाने की तैयारी है। सिराज/ईएमएस 27 मई 2026