राष्ट्रीय
27-May-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, 70 वर्ष से कम उम्र में होने वाली समय से पहले मौतों के प्रमुख कारणों में हाइपरटेंशन भी शामिल है। चिंता की बात यह है कि अब यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान, तनाव, शारीरिक गतिविधियों की कमी और ज्यादा नमक का सेवन इसके प्रमुख कारण हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जब ब्लड प्रेशर लगातार बढ़ा रहता है तो इसका सीधा असर रक्त वाहिकाओं पर पड़ता है। इससे दिल को शरीर में रक्त पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिसके कारण दिल की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं। लंबे समय तक यह स्थिति बनी रहने पर हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा किडनी पर भी बुरा असर पड़ता है और किडनी खराब होने की आशंका बढ़ जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर की सबसे बड़ी समस्या यह है कि अधिकांश लोगों को इसके बारे में देर से पता चलता है। कई बार बीमारी काफी बढ़ जाने के बाद ही इसके लक्षण सामने आते हैं। यही वजह है कि इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है। ऐसे में नियमित ब्लड प्रेशर जांच बेहद जरूरी हो जाती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोगों को घर पर ही ब्लड प्रेशर चेक करने की आदत डालनी चाहिए। दिन में एक या दो बार ब्लड प्रेशर मॉनिटर करना फायदेमंद माना जाता है। साथ ही हमेशा क्लिनिकली वैलिडेटेड ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग डिवाइस का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि सटीक रीडिंग मिल सके और सही समय पर इलाज शुरू किया जा सके। डॉक्टरों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर लगातार 140/90 एमएमएचजी या उससे अधिक रहता है, तो उसे तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। नियमित मॉनिटरिंग और सही जीवनशैली अपनाकर हाइपरटेंशन को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञ स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, कम नमक का सेवन और तनाव प्रबंधन को हाई ब्लड प्रेशर से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय मानते हैं। हैल्थ विशेषज्ञों के अनुसार, हाई ब्लड प्रेशर आज के समय में तेजी से फैलती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो चुका है। डॉक्टर इसे ‘साइलेंट किलर’ कहते हैं, क्योंकि यह अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाता रहता है। यदि समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए तो यह हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। सुदामा/ईएमएस 27 मई 2026