नई दिल्ली (ईएमएस)। नई जगहों को करीब से देखने, अलग संस्कृति को समझने और खुद के साथ समय बिताने के लिए लड़कियां अब बिना किसी ग्रुप के यात्रा पर निकल रही हैं। युवतियों के बीच सोलो ट्रैवल का चलन तेजी से बढ़ रहा है। देश में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो सुरक्षित माहौल, फ्रेंडली कल्चर और शांत वातावरण के कारण महिला सोलो ट्रैवलर्स की पहली पसंद बनते जा रहे हैं। इन जगहों पर देर रात तक भी महिलाएं बेफिक्र होकर घूमती नजर आती हैं। पूर्वोत्तर भारत का खूबसूरत शहर शिलांग इन दिनों महिला सोलो ट्रैवलर्स के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यहां की महिला प्रधान सामाजिक व्यवस्था और शांत माहौल लड़कियों को खास तौर पर आकर्षित करता है। शिलांग की सड़कों पर महिलाओं को स्कूटी चलाते, गाइड का काम करते और कारोबार संभालते आसानी से देखा जा सकता है। यहां का संगीत प्रेमी माहौल, हरियाली से घिरे पहाड़ और सुरक्षित वातावरण युवतियों को खुलकर घूमने का अवसर देता है। देर रात रोड ट्रिप और कैफे कल्चर भी यहां की खास पहचान बन चुका है। हिमाचल प्रदेश का कसोल भी युवाओं और सोलो ट्रैवलर्स के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। पार्वती घाटी में बसा यह छोटा सा पर्यटन स्थल प्राकृतिक सुंदरता और ट्रैकिंग के लिए मशहूर है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में युवा यहां शांति और रोमांच का आनंद लेने पहुंचते हैं। हालांकि अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को यहां सामान्य सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है। समुद्र किनारे सुकूनभरा समय बिताने के लिए पुड्डुचेरी को भी महिलाओं के लिए सुरक्षित और शानदार पर्यटन स्थल माना जाता है। फ्रेंच संस्कृति की झलक, रंगीन गलियां, शांत समुद्र तट और कैफे यहां आने वाले पर्यटकों को अलग अनुभव देते हैं। यहां लड़कियां देर शाम तक स्कूटी चलाते और समुद्र किनारे टहलते दिखाई देती हैं। उत्तराखंड का ऋषिकेश आध्यात्म और रोमांच का अनोखा संगम माना जाता है। गंगा किनारे बसा यह शहर रिवर राफ्टिंग, योग और ट्रैकिंग के लिए प्रसिद्ध है। बड़ी संख्या में महिला पर्यटक यहां अकेले यात्रा कर एडवेंचर गतिविधियों का आनंद लेती हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश का मैकलोडगंज भी सोलो ट्रैवलर्स की पसंदीदा जगहों में शामिल है। तिब्बती संस्कृति, शांत पहाड़ी रास्ते और छोटे-छोटे कैफे यहां आने वालों को खास अनुभव देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित माहौल और बढ़ती जागरूकता के चलते आने वाले समय में महिलाओं के बीच सोलो ट्रैवल का चलन और तेजी से बढ़ सकता है। मालूम हो कि बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच अब लोग मानसिक शांति और सुकून की तलाश में अकेले यात्रा करना पसंद कर रहे हैं। सुदामा/ईएमएस 27 मई 2026