-शशि थरूर ने सीपीआई (एम) के आरोपों को किया खारिज, कहा-कोई सबूत नहीं नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने बुधवार को सार्वजनिक रूप से सीपीआई (एम) के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि केरल के पूर्व सीएम पिनारयी विजयन से जुड़े ईडी के छापों में कांग्रेस की भूमिका थी। यह आरोप सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास के उस दावे के बाद लगाया जिसमें उन्होंने कहा था कि विपक्षी पार्टी ने केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित किया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटास ने एक्स पर पोस्ट में लिखा- केरल के पूर्व सीएम पिनारयी विजयन पर ईडी के छापों की कड़ी निंदा करता हूं। यह राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के सुनियोजित दुरुपयोग का एक और उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्पष्ट है कि कांग्रेस नेतृत्व ने ईडी को उन्हें निशाना बनाने के लिए प्रोत्साहित किया, ठीक वैसे ही जैसे उन्होंने अरविंद केजरीवाल के मामले में किया था। सार्वजनिक रूप से जवाब देते हुए शशि थरूर ने कांग्रेस के खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताया। थरूर ने एक्स पर लिखा- जॉन, आपके आखिरी वाक्य के समर्थन में कोई सबूत नहीं है। थरुर ने कहा कि केरल में कांग्रेस सरकार ने समझौते की भावना के साथ अपना कार्यकाल शुरू किया है और बताया कि नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में विजयन को सम्मानजनक स्थान दिया गया था। थरूर ने यह भी कहा कि नए सीएम वी डी सतीशान ने पदभार संभालने के बाद विजयन के घर पर व्यक्तिगत रूप से गए थे। थरूर ने पूछा कि क्या आपको लगता है कि वह इस तरह की किसी बात में मिलीभगत करेंगे? और केंद्र सरकार को देखकर, क्या आपको सच में लगता है कि वे राज्य सरकार में या उससे बाहर किसी भी विपक्षी दल से निर्देश लेते हैं? यह टिप्पणी ईडी द्वारा विजयन, उनकी बेटी वीना विजयन और अन्य से जुड़े परिसरों पर कथित सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में की गई छापेमारी को लेकर उठे राजनीतिक तूफान के बीच आई है। सीपीआई(एम) के महासचिव एम ए बेबी ने छापेमारी को “घिनौना हमला” बताया और आरोप लगाया कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित थी। दिल्ली में बोलते हुए बेबी ने दावा किया कि सीपीआई(एम) जनता के सामने यह साबित करेगी कि छापेमारी का मकसद पार्टी को डराना था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के नेताओं ने बार-बार सवाल उठाया था कि विजयन के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी द्वारा पहले कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि इन छापों के बाद वे अब संतुष्ट हैं या नहीं। वरिष्ठ सीपीआई(एम) नेता पी जयराजन ने भी आरोप लगाया कि ये तलाशी सीएम वी डी सतीशान और पीएम मोदी की बैठक के बाद कांग्रेस-बीजेपी के संयुक्त अभियान” का हिस्सा थी। सिराज/ईएमएस 27मई26