यूपी पुलिस ने घोषित किया 25 हजार का इनाम लखनऊ (ईएमएस)। राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में यूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा से हुए सामूहिक दुष्कर्म का मामला लगातार सुर्खियों में है। इस जघन्य अपराध के मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस ने जौनपुर निवासी छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले में फरार आरोपी शिवम और उसके साथी शनि यादव पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है, ताकि उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हो सके। पुलिस की शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहे हैं। फरारी के दौरान उन्होंने तकरीबन 18 सिम कार्ड बदले हैं, जिससे उनकी लोकेशन को ट्रेस करने में पुलिस को काफी परेशानी हो रही है। यह आरोपियों द्वारा पुलिस को चकमा देने की एक सोची-समझी रणनीति प्रतीत होती है। पीड़िता ने हाल ही में न्यायालय में अपने बयान दर्ज कराए हैं, जो मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। वहीं, पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और आरोपियों के संभावित संपर्कों की गहनता से जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आया है कि पीड़िता पूर्व में भी दो बार आरोपी शिवम के साथ लखनऊ में रुकी थी। पुलिस सभी पहलुओं को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि कोई भी तथ्य अनदेखा न रह जाए। इसी क्रम में पुलिस की एक टीम प्रयागराज भी पहुंची थी और शिवम यादव के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, हालांकि उसके परिवार ने पुलिस को बताया कि वह घर पर नहीं आया है। पीड़िता दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज में बीए ऑनर्स की छात्रा है और सिविल सेवा परीक्षा (यूपीएससी) की तैयारी कर रही है। उसके आरोप के अनुसार, बीते 15 मई को दिल्ली जाते समय उसने अपने परिचित शिवम यादव को संदेश किया था। जिसके बाद आरोपी चारबाग स्टेशन से सुशांत गोल्फ सिटी स्थित अपने कमरे पर ले गए। पीड़िता का आरोप है कि वहां शिवम ने नशीला पदार्थ देकर तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और सामूहिक दुष्कर्म किया गया। तबीयत बिगड़ने पर 18 मई को आरोपियों ने ट्रेन से दिल्ली भेज दिया और स्वयं मौके से फरार हो गए। यह मामला तब सामने आया जब दिल्ली के आनंद विहार जीआरपी में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसे बाद में लखनऊ स्थानांतरित किया गया। अब सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और इस पूरे मामले की जांच के लिए चार पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो आरोपियों की तलाश में दिन-रात एक कर रही हैं। आशीष दुबे / 27 मई 2026