लखनऊ,(ईएमएस)। उत्तरप्रदेश सरकार और जिला पुलिस-प्रशासन ने 28 मई को मनाए जाने वाले बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्यौहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित किया हैं। संभल से लेकर चंदौली और अयोध्या से लेकर मुजफ्फरनगर तक सभी जिलों में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष कार्ययोजना लागू की गई है। पुलिस ने स्पष्ट गाइडलाइन जारी करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर खुले में कुर्बानी और सड़कों पर नमाज अदा करने पर पूरी तरह मनाही का ऐलान किया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत, प्रदेश भर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च हो रहा है और सीसीटीवी, ड्रोन कैमरों व सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल के जरिए असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है। विभिन्न जिलों में मजिस्ट्रेट, आरआरएफ, पीएसी और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में रूफटॉप ड्यूटी लगाई गई है और संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है। सभी थाना क्षेत्रों में पीस कमेटी की बैठकें पूरी हो चुकी हैं, जहाँ नागरिकों और व्यापारियों से संवाद कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया है। अति संवेदनशील माने जाने वाले संभल जिले को 5 जोन और 18 सेक्टर में बांटा गया है, जहाँ ढाई सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है। मुजफ्फरनगर में भी जोनल-सेक्टर प्रणाली लागू कर लगभग डेढ़ हजार पुलिस जवान तैनात किए गए हैं, जबकि ड्रोन कैमरों से मस्जिदों की निगरानी की जा रही है ताकि सड़कों पर नमाज न हो। मेरठ, सहारनपुर, चंदौली और आजमगढ़ जैसे जिलों में भी ईदगाहों और मस्जिदों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, जबकि थाना प्रभारी लगातार पेट्रोलिंग कर रहे है। रामनगरी अयोध्या में डीआईजी सोमेन बर्मा ने स्पष्ट किया कि नमाज केवल निर्धारित ईदगाहों और मस्जिदों में तय समय पर होगी। वहीं, राजधानी लखनऊ में भी पुलिस अलर्ट पर है, जहां मौलाना खालिद रशीदी फिरंगी महली ने लोगों से केवल कानूनी बंदिशों से मुक्त जानवरों की कुर्बानी करने और पहले से निर्धारित जगहों पर ही साफ-सफाई के साथ अंजाम देने की अपील की है। उन्होंने सड़कों पर नमाज अदा न करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने का भी आग्रह किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों पर वाराणसी में डीसीपी काशी गौरव बंसवाल की अगुवाई में पुलिस और आरआरएफ जवानों ने बेनिया पार्क, नई सड़क और मदनपुरा सहित संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया। यहां भी प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी और सार्वजनिक स्थलों पर कुर्बानी पर पूर्ण रोक है। डीसीपी ने स्पष्ट किया कि नमाज सड़कों पर नहीं होगी; संख्या अधिक होने पर दो शिफ्टों में नमाज कराई जाएगी, लेकिन कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन परंपरागत और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार संपन्न कराने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। आशीष दुबे / 27 मई 2026