राष्ट्रीय
27-May-2026


-तेल-गैस खोज के नए अभियान की तैयारी -आयात पर निर्भरता कम करने की बड़ी रणनीति नई दिल्ली,(ईएमएस)। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, पश्चिम एशिया संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे हालात के बीच भारत अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। अपनी जरूरत का लगभग 85 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करने वाला भारत अब देश के भीतर छिपे तेल और प्राकृतिक गैस के भंडारों की खोज को नई गति देने जा रहा है। सरकार का मानना है कि यदि यह अभियान सफल रहा तो भविष्य में भारत को ईंधन के लिए बाहरी देशों पर निर्भरता काफी हद तक कम करनी पड़ सकती है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतक गैस मंत्रालय ने हाल ही में तेल और गैस कंपनियों को एक बड़े सर्वे अभियान में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है। इस अभियान के तहत पुराने भूकंपीय आंकड़ों को आधुनिक तकनीक की मदद से दोबारा प्रोसेस किया जाएगा और देश के विभिन्न तलछटी बेसिनों में नए 3डी भूकंपीय सर्वे किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया का समन्वय डीजीएच कर रहा है। सरकार का उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और आयातित तेल पर निर्भरता को कम करना है। विशेषज्ञ दशकों पुराने भूवैज्ञानिक आंकड़ों का आधुनिक इमेजिंग और डेटा प्रोसेसिंग तकनीकों की मदद से पुनर्मूल्यांकन करेंगे, ताकि उन संभावित तेल और गैस भंडारों की पहचान की जा सके जो पुराने सर्वेक्षणों में छूट गए थे। जानकारी के अनुसार सरकार पूर्वी तट पर भी बड़े पैमाने पर ऑफशोर सर्वे की तैयारी कर रही है। इसमें महानदी बेसिन, कृष्णा-गोदावरी बेसिन, कावेरी बेसिन और अंडमान क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। इन इलाकों में समुद्र तल के नीचे संभावित हाइड्रोकार्बन भंडारों की मैपिंग की जाएगी। भूकंपीय सर्वे को पृथ्वी के मेडिकल स्कैन की तरह माना जाता है। इसमें जमीन के भीतर ध्वनि तरंगें भेजकर उनके परावर्तन का अध्ययन किया जाता है, जिससे भूमिगत संरचना और संभावित तेल-गैस भंडारों का अनुमान लगाया जाता है। अधिकारियों का मानना है कि हाई-एंड कंप्यूटिंग और आधुनिक डेटा एनालिसिस तकनीकें उन संभावनाओं को उजागर कर सकती हैं जिन्हें पुराने तरीके स्पष्ट रूप से पहचान नहीं पाए थे। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संघर्षों और सप्लाई चेन में व्यवधान के दौर में घरेलू उत्पादन बढ़ाना भारत की रणनीतिक जरूरत बन चुका है। सरकार फिलहाल नए भंडारों की घोषणा नहीं कर रही, लेकिन यह अभियान भविष्य की तेल और गैस खोज गतिविधियों के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 27मई26