नई दिल्ली (ईएमएस)। रिहायश के लिहाज से खतरनाक घोषित किए गए मुखर्जी नगर के सिग्नेचर व्यू अपार्टमेंट की ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया सात महीने से लगातार टल रही है। पिछले साल अक्टूबर माह में पूरी तरह से खाली हो चुके इस अपार्टमेंट की ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया नवंबर महीने में शुरू होनी थी, लेकिन भ्रष्टाचार मामले में सीबीआइ जांच के चलते यह कार्रवाई टलती जा रही है। इमारत के सैंपल लेने के लिए सीबीआइ कोर्ट से तीन बार समय मांग चुकी है। इस देरी के कारण डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) पर भी आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। डीडीए फ्लैट आवंटियों को हर महीने लगभग दो करोड़ रुपये किराए के तौर पर भुगतान कर रहा है। यही नहीं, देरी के कारण टेंडर की कीमत भी बढ़ती जा रही है। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/28/ मई/2026