- सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा भोपाल (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार को उज्जैन से रवाना होने से पूर्व अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण आदेश दे गए। आदेश ये कि सिंहस्थ से पहले शहर के आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर होम स्टे विकसित किए जाएं। ये होम स्टे, शहर की मुख्य सडक़ से सटे 30 किलोमीटर परिधि के गांवों में पर्यटन विभाग के सहयोग से तैयार किए जाएं। इसके लिए ग्रामीणों के घरों और उनके खेतों का रचनात्मक उपयोग किया जाए। जिन ग्रामीणों के पास बड़े और खुले घर हैं, उन्हें होम स्टे योजना से जुडऩे के लिए प्रेरित करें। पर्यटन विभाग के माध्यम से इन ग्रामीणों को हर संभव शासकीय व तकनीकी मदद मुहैया कराई जाए। सिंहस्थ महापर्व के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को ठहरने में कोई दिक्कत न हो और उन्हें ग्रामीण परिवेश में बेहद किफायती दरों पर स्वच्छ आवास मिल सके। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि महापर्व के दौरान आने वाले श्रद्धालु आधुनिक होटलों की भीड़भाड़ से दूर, मालवा के गांवों के स्वच्छ, शांत और पावन वातावरण का आनंद ले सकेंगे। इससे न केवल श्रद्धालुओं को सस्ता और अच्छा ठिकाना मिलेगा, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक उन्नति के नए रास्ते भी खुलेंगे। इंदौर रोड के गांवों से शुरुआत, कलेक्टर ने संभाली कमान इस महत्वाकांक्षी योजना को जमीन पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन करते हुए जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है। योजना के पहले चरण में उज्जैन से सटे इंदौर रोड पर स्थित डेंडिया-मेंडिया गांव में 30 होम स्टे यूनिट बनाने की तैयारी की जा रही है। जिन-जिन गांवों से ग्रामीणों के आवेदन प्राप्त होंगे, उन सभी गांवों में होम स्टे तैयार करवाए जाएंगे। सभी होम स्टे की एक विस्तृत सूची तैयार की जाएगी। 2023 में शुरू हुई योजना उज्जैन शहर में होम स्टे योजना वर्ष 2023 में शुरू हुई थी। योजना अनुसार मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड उज्जैनवासियों को उनके घर में उपलब्ध अतिरिक्त कमरे किराये पर देकर आय कमाने का सुनहरा अवसर देता है। इसके लिए भवन मालिक को सिर्फ पर्यटन बोर्ड की होम स्टे योजना में पंजीयन कराना होता है। पर्यटन विभाग द्वारा पंजीकृत इकाईयों का प्रचार-प्रसार किया जाता है। विनोद / 28 मई 26