क्षेत्रीय
28-May-2026
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- घुघरी के घोरेघाट ग्राम में सरेआम गुंडागर्दी और हत्या करने वाले छह आरोपी पहुंचे सलाखों के पीछे, पुलिस की त्‍वरित कार्यवाही मंडला (ईएमएस)। विकासखंड घुघरी के ग्राम घोरेघाट में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज गुंडागर्दी, बेरहमी से मारपीट और अनिल पड़वार की हत्या के मामले में पुलिस को सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और वारदात में शामिल सभी 6 आरोपियों को चौबीस घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से विद्वान न्यायाधीश के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। जानकारी अनुसार विगत दिवस ग्राम घोरेघाट में हुई वारदात में अनिल पड़वार हत्याकांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। छह आरोपियों में आशीष नामदेव, दीपक त्रिवेदी, सुनील नाविक, कपिल सोनवानी, लालीदास सोनवानी और विनोद मरकाम को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। बताया गया कि पिछले दिनों घुघरी के घोरेघाट क्षेत्र में आरोपियों ने सरेआम कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए भारी गुंडागर्दी की थी। इस दौरान आरोपियों ने अनिल पड़वार पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला करते हुए उनके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इस गंभीर और बर्बर हमले में अनिल पड़वार की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस जघन्य हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी और स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त था। घटना के तुरंत बाद से ही पुलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी पूजा बघेल एवं चौकी प्रभारी नीलेश पटेल की संयुक्त पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाई। पुलिस ने मुखबिरों के तंत्र को सक्रिय कर और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी करते हुए घटना में नामजद सभी छह आरोपियों को अलग-अलग ठिकानों से दबोच लिया। पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के नागरिकों ने राहत की सांस ली है और कानून व्यवस्था के प्रति विश्वास जताया है। इधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। घोरेघाट की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और आपसी विवादों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने तथा असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। ईएमएस/मोहने/ 28 मई 2026