- नमाज़ के बाद ख़ुत्बा पढ़ाते शहर काजी। शाजापुर (ईएमएस)। त्याग, बलिदान और आपसी भाईचारे का प्रतीक ईद-उल-अजहा (बकरीद) का मुकद्दस पर्व गुरुवार को शहर सहित पूरे जिले में अकीदत और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पर्व को लेकर मुस्लिम समाज में खासा उत्साह नजर आया। सुबह से ही नए परिधानों में सजे अकीदतमंदों का हुजूम शहर और ग्रामीण अंचलों की प्रमुख मस्जिदों व ईदगाहों की ओर उमड़ पड़ा। सामूहिक नमाज के बाद समाजजनों ने मुल्क में शांति, सौहार्द, तरक्की और खुशहाली के लिए परवरदिगार से खुसूसी दुआएं मांगी। जिलेभर की ईदगाहों और मस्जिदों में सामूहिक नमाज के साथ ही तीन दिवसीय ईद-उल-अजहा के त्योहार का विधिवत आगाज हो गया। ईद की नमाज गिरवर स्थित ईदगाह मस्जिद में अदा की गई, जहां हाफ़िज़ अब्दुल गफ्फार साहब ने नमाज़ पढ़ाई और शहर काज़ी रेहमत उल्ला साहब ने ख़ुत्बा पढ़ा। इसके बाद सभी ने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाया और ईद की मुबारकबाद दी। नमाज से निवृत होने के बाद समाजजन सीधे कब्रिस्तान पहुंचे, जहां उन्होंने अपने मरहूम (मृत) परिजनों की कब्रों पर फातिहा पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद परंपरा के अनुसार सुन्नत-ए-इब्राहिमी को अदा करते हुए घरों में क़ुरबानी का सिलसिला प्रारम्भ हुआ, जो शनिवार तक चलेगा। त्योहार के इस उल्लास भरे माहौल में बड़ी संख्या में ईदगाह पहुंचे समाजजनों को बधाई और शुभकामनाएं देने के लिए शहर के जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस महकमा भी मौजूद रहा। इसके अतिरिक्त, शहर की विभिन्न अन्य मस्जिदों में भी ईद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से पढ़ी गई। ईएमएस/ राजेश कलजोरिया/ 28 मई 2026