बालाघाट (ईएमएस). भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा संचालित ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में विशेष पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 16 मार्च से 15 जून तक संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत भारत की हस्तलिखित विरासत का सर्वेक्षण, दस्तावेजीकरण, संरक्षण एवं डिजिटलीकरण का कार्य किया जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के समस्त गणमान्य नागरिकों से अपील की गई है कि यदि जिले के मंदिरों, मठों, आश्रमों, ट्रस्टों, निजी संग्रहों, पुस्तकालयों, शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों में पांडुलिपियाँ उपलब्ध हों, तो इसकी सूचना डॉ. आशा गोहे, विभागाध्यक्ष इतिहास, शासकीय जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय बालाघाट को मोबाइल नंबर पर दें। ज्ञान भारतम् जिला स्तरीय समिति के नोडल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे ने बताया कि जिन नागरिकों के पास 70 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियां हैं, वे इस सर्वेक्षण में भाग लें। उन्होंने कहा कि लोगों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पांडुलिपियां उनके पास ही सुरक्षित रहेंगी। अभियान के अंतर्गत केवल पांडुलिपियों के फोटोग्राफ लेकर उन्हें ज्ञान भारत ऐप पर दर्ज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर अपलोड होने के बाद देश-विदेश के लोग इन पांडुलिपियों को एक ही प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे, जिससे भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वैश्विक पहचान मिलेगी। भानेश साकुरे / 28 मई 2026