क्षेत्रीय
28-May-2026
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- मोती उद्यान में मिल रहे मृत चमगादड़, खुले में फेंके जाने से लोगों में चिंता बालाघाट (ईएमएस). शहर के मोती उद्यान में इन दिनों बढ़ते तापमान का असर वन्यजीवों पर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार हो रही चमगादड़ों की मौत और उनके शवों के उचित निपटान नहीं होने से संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार करीब दो दर्जन से अधिक चमगादड़ मृत अवस्था में पाए गए हैं। गंभीर बात यह है कि स्थानीय निकाय द्वारा इन मृत चमगादड़ों का वैज्ञानिक तरीके से निपटान नहीं किया जा रहा, बल्कि उन्हें खुले में फेंका जा रहा है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। मृत चमगादड़ों को खुले में फेंके जाने से आसपास के क्षेत्र में संक्रमण फैलने की आशंका जताई जा रही है। उद्यान में आने वाले लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति खतरे का कारण बन सकती है। मोती उद्यान शहर का प्रमुख आकर्षण केंद्र है, जहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग सैर करने पहुंचते हैं। उद्यान में स्थित तालाब और घने पेड़ों के कारण यह स्थान विभिन्न पक्षियों का बसेरा भी है। यहां बगुले, चमगादड़ और प्रवासी पक्षी, विशेष रूप से साइबेरियन प्रजाति के पक्षी भी देखे जाते हैं, जिससे उद्यान का वातावरण हमेशा जीवंत रहता है। बढ़ता तापमान बन रहा काल इन दिनों लगातार बढ़ते तापमान का असर वन्यजीवों पर पड़ रहा है। खासतौर पर चमगादड़ों के लिए यह स्थिति घातक साबित हो रही है। अत्यधिक गर्मी के कारण वे दम तोड़ रहे हैं, जिससे उनकी संख्या में अचानक कमी देखने को मिल रही है। प्रशासन की उदासीनता पर सवाल इस पूरे मामले को लेकर पर्यावरण प्रेमियों में चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि न केवल इन मौतों के कारणों की जांच की जानी चाहिए, बल्कि मृत पशु-पक्षियों के सुरक्षित निपटान की भी व्यवस्था होनी चाहिए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई ठोस कदम उठते नजर नहीं आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते यदि इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह न केवल वन्यजीवों के लिए बल्कि आमजन के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। भानेश साकुरे / 28 मई 2026