क्षेत्रीय
29-May-2026
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अशोकनगर (ईएमएस)। विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के संबंध में सीएमएचओ डॉ. अल्का त्रिवेदी के निर्देशन में एक दिवसीय अंतर्विभागीय कार्यशाला का आयोजन एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में किया गया। इस दौरान नोडल अधिकारी आरकेएसके कार्यक्रम डॉ रजनी छारी, डॉ आरके राहुल एमडी मेडिसिन, जिला समन्वयक आरकेएसके आनंद मोहन माथुर, समस्त उमंग परामर्शदाता, मास्टर ट्रेनर साथिया कार्यक्रम, सरोज सक्सेना सिस्टर ट्यूटर, शाहिद खान मंसूरी मानसिक स्वास्थ्य, एएनएम स्टूडेंट्स एवं अन्य स्वास्थ्य विभाग के अमले सहित उच्च शिक्षा विभाग से प्रोफेसर हिमांशी, महिला बाल विकास विभाग से सेक्टर सुपरवाइजर प्रियंका पँवार, आशा कार्यकर्ता, पियर एजुकेटर (साथिया बच्चे) आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला में माहवारी से संबन्धित भ्रांतियों के बारे में डॉ. रजनी छारी द्वारा विस्तार से बताया गया। किशोरावस्था में कदम रखते हुए ही लगभग 11 साल से माहवारी की शुरुआत किशोरियों में हो जाती है जो कि शारीरिक परिवर्तन की एक प्रक्रिया है। शरीर के हारमोंस ऑर्गन्स घटते बढ़ते रहतें हैं, उनमें परिवर्तन होता है। उसी दौरान बच्चेदानी में मुलायम परत तैयार हो जाती है। यह परत ज्यादातर खून की नन्ही-नन्ही कोशिकाओं से तैयार होती है। यह बालिकाओं के लिए एक जटिल रहस्य एवं अबूझ पहेली बन जाती है। जिसकी समझ किशोरियों में आमतौर पर नहीं रहती। माहवारी का चक्र 28 दिन का होता है। माहवारी की प्रक्रिया किशोरी व महिलाओं को मां बनने में परिपक्व करती है। डॉ. आरके राहुल ने माहवारी स्वच्छता को मानसिक अस्वस्थता का बहुत बड़ा कारण बताते हुये इस मानसिक स्थिति से किस प्रकार निपटा जाये। उमंग परामर्शदाता वैशाली माथुर ने बताया की स्वच्छता का ध्यान रखें और तिरंगा भोजन लें। बताया कि माहवारी में किशोरी बालिकाओं एवं महिलाओं को संतुलित आहार लेना चाहिए, जैसे तिरंगा आहार एवं साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए। जिससे किसी प्रकार के संक्रमण से बचा जा सके। पूर्व से चली आ रही रूढ़वादिता एवं मिथक को दूर करना हमारा अधिकार है। इसे लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां समाज में फैली हैं। जिसे आज की युवा पीढ़ी द्वारा दूर किया जाना संभव है। माहवारी स्वच्छता प्रबंधन के तहत शासन को ग्रामीण क्षेत्रों में सैनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराना चाहिए। मौके पर किशोरियों में नि:शुल्क सैनिटरी पैड वितरण संग माहवारी में नियमित रूप से पैड बदलने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गई। कार्यक्रम के अंत में जिला समन्वयक आरकेएसके आनंद मोहन माथुर द्वारा आभार प्रदर्शन करते हुये सभी उपस्थितजनों को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने एवं समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करने की शपथ दिलाई गई। ईएमएस/ ओमप्रकाश रघुवंशी/ 29 मई 2026