- ऊर्जा मंत्री को सौंपा ज्ञापन, भेदभावपूर्ण नीति का जताया विरोध खरगोन (ईएमएस)। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल मेें लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों को लेकर तकनीकी कर्मचारी संघ ने विरोध के स्वर मुखर किए है। प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में संघ ने ऊर्जा मंत्री से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की है कि पिछले 25 वर्षों से भटक रहे सभी आश्रितों को बिना किसी शर्त के अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। संघ के एसके मौर्य, केएल लोखंडे, एसके शाक्य, शशि उपाध्याय, दशरथ शर्मा, टी डेविड, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी आदि का कहना है कि वर्ष 2000 से जारी रोक और वर्ष 2014 की विसंगतिपूर्ण नीति के कारण बीमारी या प्राकृतिक मृत्यु का शिकार हुए कर्मचारियों के परिवार आज भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। विद्युत मंडल के दौर में खराब माली हालत का हवाला देकर 1 सितंबर 2000 से अनुकंपा नियुक्तियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी। बिजली कंपनियों के गठन के बाद भी यह प्रतिबंध लगातार जारी रहा। इसके बाद वर्ष 2014 में विभाग ने एक नई अनुकंपा नीति लागू की। इस नीति के तहत प्रावधान किया गया कि वर्ष 2000 से 2012 के बीच केवल दुर्घटना में जान गंवाने वाले कार्मिकों के आश्रितों को ही नौकरी दी जाएगी। इस फैसले से बीमारी या सामान्य वजहों से जान गंवाने वाले कर्मचारियों के परिजन दौड़ से बाहर हो गए और पिछले 25 सालों से लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने सरकार की इस नीति की कड़े शब्दों में आलोचना की है। ईएमएस/नाजिम शेख/ 29 मई 2026